📰 Kotputli News
Breaking News: पश्चिम एशिया संकट के बीच पुतिन का भारत को भरोसा: ईंधन और उर्वरक की निर्बाध आपूर्ति जारी रहेगी
🕒 1 week ago

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत को बड़ा आश्वासन देते हुए कहा है कि ईंधन और उर्वरक की आपूर्ति किसी भी हालत में बाधित नहीं होने दी जाएगी। यह भरोसा विदेश मंत्री एस. जयशंकर की हालिया मॉस्को यात्रा के दौरान द्विपक्षीय वार्ता में दिया गया। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की गहराई को रेखांकित करते हुए पुतिन ने स्पष्ट किया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद रूस भारत की ऊर्जा सुरक्षा और कृषि जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस आश्वासन को भारत के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर दबाव बढ़ा है। बैठक के दौरान पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जल्द मुलाकात की उम्मीद भी जताई और कहा कि पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार वे शीघ्र ही भारत यात्रा पर आएंगे। दोनों नेताओं के बीच नियमित संवाद और उच्चस्तरीय आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी की पहचान है। जयशंकर की यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग जैसे विविध मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। रूस ने उर्वरक आपूर्ति बढ़ाने का वादा भी किया, जो भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और समुद्री मार्गों पर जोखिम बढ़ा है। ऐसे में रूस का यह आश्वासन भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से रणनीतिक रूप से अहम है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा रूस से आयात करता है, और उर्वरक के मामले में भी रूस प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। पुतिन ने जोर देकर कहा कि रूसी ऊर्जा कंपनियां भारतीय भागीदारों के साथ दीर्घकालिक अनुबंधों का सख्ती से पालन कर रही हैं और भविष्य में भी आपूर्ति बढ़ाने के लिए तैयार हैं। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए स्थानीय मुद्रा में लेन-देन, परिवहन गलियारों के विकास और तकनीकी सहयोग पर भी सहमति जताई। अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (आईएनएसटीसी) और चेन्नई-व्लादिवोस्तोक समुद्री मार्ग जैसी परियोजनाओं को गति देने पर बल दिया गया। यह सहयोग न केवल आर्थिक हितों को साधता है, बल्कि बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के निर्माण में दोनों देशों की साझा दृष्टि को भी दर्शाता है। निष्कर्षतः, पुतिन का यह आश्वासन भारत-रूस संबंधों की मजबूती और परिपक्वता का प्रमाण है। वैश्विक उथल-पुथल के दौर में एक विश्वसनीय साझेदार का साथ होना भारत के लिए रणनीतिक लाभ की बात है। ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में रूस की प्रतिबद्धता न केवल घरेलू स्थिरता सुनिश्चित करती है, बल्कि भारत की विदेश नीति की स्वतंत्रता और रणनीतिक स्वायत्तता को भी बल देती है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की मुलाकात इस साझेदारी को नया आयाम देगी।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 25 Aug 2026