राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली के कई हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। वहीं, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद समेत एनसीआर के अन्य शहरों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों में दिल्ली-एनसीआर में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। इस चेतावनी के बाद प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। सोमवार सुबह से ही दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई लेकिन जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। जगह-जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिसके चलते प्रमुख सड़कों और अंडरपास में यातायात थम सा गया। आईटीओ, धौला कुआं, मोती बाग, रिंग रोड और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। कई इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली के खंभे टूटने की खबरें भी आईं, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हुई। नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस की टीमें जलनिकासी और यातायात व्यवस्था सुचारु करने में जुटी रहीं, लेकिन बारिश की तीव्रता के आगे प्रयास नाकाफी साबित हुए। बारिश और खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर कम दृश्यता और तेज हवाओं के कारण करीब 15 उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा। इनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानें शामिल हैं। कुछ उड़ानों को जयपुर, लखनऊ और अहमदाबाद की ओर मोड़ दिया गया, जबकि कई उड़ानों के प्रस्थान में देरी हुई। हवाईअड्डा प्राधिकरण ने यात्रियों को उड़ान की स्थिति जांचकर ही घर से निकलने की सलाह दी है। वहीं, रेल सेवाएं भी आंशिक रूप से प्रभावित हुईं, कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ और निचले स्तर पर पूर्वी हवाओं के टकराव के कारण यह मौसमी गतिविधि बनी है। अगले 24 से 48 घंटों तक दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। विभाग ने लोगों को घरों के अंदर रहने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने, तथा कच्चे मकानों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। स्कूलों और दफ्तरों में भी एहतियात बरतने को कहा गया है। इस आपात स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली सरकार, एनडीएमसी, एमसीडी और एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय बैठक कर राहत कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। मौसम की मार झेल रहे नागरिकों से धैर्य बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है। उम्मीद है कि अगले दो दिनों में मौसम साफ होने के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी, लेकिन तब तक सतर्कता जरूरी है।