तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई के निकट परांदूर में प्रस्तावित दूसरे हवाई अड्डे की परियोजना को रद्द करने की घोषणा की है। इस निर्णय से स्थानीय किसानों और पर्यावरणविदों को बड़ी राहत मिली है जो लंबे समय से इस परियोजना का विरोध कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनभावनाओं और पर्यावरणीय चिंताओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। परांदूर हवाई अड्डा परियोजना के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन में उपजाऊ कृषि भूमि और कई जल निकाय शामिल थे, जिससे किसानों की आजीविका और क्षेत्र का पारिस्थितिकी तंत्र खतरे में पड़ रहा था। इस घोषणा के साथ ही मुख्यमंत्री विजय ने कई कल्याणकारी योजनाओं का भी ऐलान किया है। महिलाओं के लिए मुफ्त बस योजना का विस्तार करते हुए अब डीलक्स और मॉफसिल बसों में भी मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को साल में तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की घोषणा की गई है। इन फैसलों से राज्य की लाखों महिलाओं और गरीब परिवारों को सीधा लाभ पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बजाय जनकल्याण और समावेशी विकास पर है। परांदूर हवाई अड्डा परियोजना को रद्द करने के पीछे किसानों का मजबूत विरोध और जल निकायों के संरक्षण की चिंता मुख्य कारण रहे। किसान संगठनों ने लंबे समय से आंदोलन चलाया था और तर्क दिया था कि हवाई अड्डे के लिए हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन अधिग्रहित होने से खाद्य सुरक्षा प्रभावित होगी। साथ ही झीलों और तालाबों के नष्ट होने से भूजल स्तर गिरेगा और बाढ़ का खतरा बढ़ेगा। सरकार ने इन तर्कों को गंभीरता से लेते हुए परियोजना को ठंडे बस्ते में डालने का फैसला किया। विपक्षी दलों ने इस फैसले का स्वागत किया है लेकिन साथ ही सवाल उठाया है कि क्या चेन्नई हवाई अड्डे की क्षमता विस्तार के अन्य विकल्पों पर विचार किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा चेन्नई हवाई अड्डे का विस्तार और तिरुचिरापल्ली, मदुरै जैसे अन्य हवाई अड्डों का विकास बेहतर विकल्प हो सकता है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि हवाई यातायात की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए वैकल्पिक योजनाओं पर काम किया जाएगा। कुल मिलाकर तमिलनाडु सरकार का यह निर्णय जनभावनाओं के प्रति संवेदनशीलता और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाता है। परांदूर हवाई अड्डा रद्द होने से जहां किसानों और पर्यावरण की रक्षा होगी, वहीं मुफ्त बस यात्रा विस्तार और मुफ्त एलपीजी सिलेंडर जैसी योजनाओं से गरीब और मध्यम वर्ग को तत्काल राहत मिलेगी। आने वाले समय में सरकार की प्राथमिकता जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और संतुलित विकास सुनिश्चित करने पर रहेगी।