राजधानी दिल्ली के व्यस्ततम चौराहों में से एक आईटीओ पर मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हुआ जिसमें दो विधायकों समेत कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार करते हुए विपरीत दिशा से आ रही एक इनोवा कार से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार में लगा सीएनजी सिलेंडर फट गया और देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई। घटना सुबह करीब साढ़े नौ बजे की बताई जा रही है जब कार्यालय जाने वालों की भारी भीड़ सड़क पर थी। घायल विधायकों में कर्नाटक के बेलगावी से भाजपा विधायक अभय पाटिल और दिल्ली के एक विधायक शामिल हैं। अभय पाटिल की हालत स्थिर बताई जा रही है और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य घायलों में दोनों वाहनों के चालक और सहयात्री शामिल हैं। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया और यातायात को सुचारु करने का प्रयास किया। घटनास्थल पर दमकल की गाड़ियां भी पहुंचीं जिन्होंने कार में लगी आग पर काबू पाया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार चालक ने नियंत्रण खो दिया था जिसके कारण कार डिवाइडर पार कर विपरीत लेन में चली गई। सीएनजी सिलेंडर फटने के कारण आग भड़की जिससे बचाव कार्य में देरी हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है। यातायात पुलिस ने आईटीओ चौराहे पर वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की है ताकि यातायात प्रभावित न हो। इस हादसे ने एक बार फिर राजधानी की सड़कों पर सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सीएनजी वाहनों में सिलेंडर की गुणवत्ता और नियमित जांच अनिवार्य होनी चाहिए। साथ ही व्यस्त चौराहों पर गति सीमा का सख्ती से पालन कराने के लिए कैमरे और स्पीड गवर्नर लगाए जाने चाहिए। दिल्ली सरकार ने घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की है। इस दुर्घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक ओर घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन से मांग की जा रही है कि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। सड़क सुरक्षा केवल नियम बनाने से नहीं बल्कि उनके कड़ाई से पालन से सुनिश्चित होती है।