बंगाल की खाड़ी में उड़ीसा के पारादीप तट के निकट एक भीषण समुद्री हादसे में पनामा के झंडे वाला सिंगापुर जा रहा एक कार्गो जहाज डूब गया है। इस हादसे के बाद जहाज पर सवार 22 चालक दल के सदस्य लापता बताए जा रहे हैं, जबकि दो सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने तलाश और बचाव अभियान को व्यापक स्तर पर शुरू कर दिया है, जिसमें कई जहाजों और विमानों को लगाया गया है। मौसम की खराबी और समुद्र में ऊंची लहरों के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं, लेकिन अधिकारी लापता नाविकों को ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मालवाहक जहाज खराब मौसम और भारी लहरों की चपेट में आकर संतुलन खो बैठा और देखते ही देखते समुद्र में समा गया। घटना की सूचना मिलते ही तटरक्षक बल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपने तीन जहाजों और एक डोर्नियर विमान को घटनास्थल के लिए रवाना किया। नौसेना और अन्य एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है। बचाव दल लगातार उस क्षेत्र की छानबीन कर रहे हैं जहां जहाज डूबा था, ताकि किसी भी जीवित व्यक्ति या मलबे का पता लगाया जा सके। लापता चालक दल के सदस्यों में विभिन्न देशों के नागरिक शामिल होने की संभावना है। तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि खोज अभियान रात भर जारी रखा गया और सुबह होते ही इसका दायरा और बढ़ा दिया गया। समुद्र की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, जिसके चलते गोताखोरों और छोटी नौकाओं को ऑपरेशन में सावधानी बरतनी पड़ रही है। इस बीच, जहाज के मालिकों और संबंधित देशों के दूतावासों से संपर्क साधा जा रहा है ताकि चालक दल के सदस्यों के परिजनों को सूचना दी जा सके और आवश्यक सहायता प्रदान की जा सके। घटना के कारणों की विस्तृत जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। इस हादसे ने एक बार फिर समुद्री सुरक्षा मानकों और खराब मौसम में जहाजों के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के मौसम में बंगाल की खाड़ी में समुद्री परिस्थितियां बेहद अनिश्चित हो जाती हैं, ऐसे में जहाजों की सुरक्षा जांच और मौसम पूर्वानुमान प्रणाली को और पुख्ता करने की आवश्यकता है। सरकार और नौवहन महानिदेशालय इस घटना की गहन समीक्षा करेंगे ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को टाला जा सके। फिलहाल पूरा ध्यान लापता 22 नाविकों की सकुशल वापसी पर केंद्रित है। तटरक्षक बल, नौसेना और स्थानीय मछुआरों की मदद से सघन खोज जारी है। देश भर की नजरें इस बचाव अभियान पर टिकी हुई हैं और हर कोई लापता चालक दल के सदस्यों की सलामती की दुआ कर रहा है। आने वाले घंटे इस अभियान के लिए बेहद निर्णायक साबित होंगे।