📰 Kotputli News
Breaking News: बीसीआई के सह-अध्यक्ष ने मांगा मनन कुमार मिश्रा का इस्तीफा, 'बार को बेहतर मिलना चाहिए'
🕒 2 weeks ago

भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) के सह-अध्यक्ष ने वर्तमान अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा से इस्तीफे की मांग करते हुए एक गंभीर पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि 'बार को बेहतर नेतृत्व मिलना चाहिए' और मिश्रा को 15 दिनों के भीतर पद छोड़ देना चाहिए। यह मांग तब आई है जब उच्चतम न्यायालय में मिश्रा के कार्यकाल को चुनौती देने वाली एक याचिका दायर की गई है, जिसमें बीसीआई के वित्तीय खातों की जांच की भी मांग की गई है। इस घटनाक्रम ने कानूनी बिरादरी में हलचल मचा दी है और संस्था की आंतरिक शासन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सह-अध्यक्ष द्वारा लिखे गए पत्र में नालसार (NALSAR) विश्वविद्यालय से जुड़े विवाद का विशेष उल्लेख किया गया है, जिसे लेकर लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। इसके अलावा, उच्चतम न्यायालय में दायर जनहित याचिका में मनन कुमार मिश्रा के कार्यकाल की वैधता पर सवाल उठाते हुए बीसीआई के वित्तीय लेन-देन की स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि परिषद के कोष में अनियमितताएं बरती गई हैं और पारदर्शिता का अभाव है। इन आरोपों के बीच सह-अध्यक्ष का यह कदम संस्था के भीतर बढ़ते असंतोष का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। इस विवाद के बीच बीसीआई ने अपनी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया है। परिषद की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आयोजन स्थल पर अध्यक्ष मिश्रा के समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से यह फैसला लेना पड़ा। इस घटना से साफ जाहिर होता है कि बीसीआई का आंतरिक विवाद अब सड़क पर आ चुका है और दोनों गुटों के समर्थक आमने-सामने हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस टकराव का असर बार काउंसिल की कार्यप्रणाली और उसकी साख पर पड़ना तय है। कानूनी बिरादरी के वरिष्ठ सदस्यों और पूर्व पदाधिकारियों ने इस पूरे प्रकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया देश की कानूनी शिक्षा और पेशेवर मानकों की सर्वोच्च नियामक संस्था है, इसलिए इसकी गरिमा और पारदर्शिता बनी रहना अत्यंत आवश्यक है। उच्चतम न्यायालय में लंबित याचिका पर आने वाला फैसला और बीसीआई की आंतरिक जांच के नतीजे ही तय करेंगे कि इस संकट का समाधान किस दिशा में जाएगा। फिलहाल, सभी की निगाहें आगामी सोमवार को होने वाली बैठक और न्यायालय की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं। निष्कर्षतः, बीसीआई में उपजा यह नेतृत्व संकट केवल व्यक्तिगत मतभेद नहीं, बल्कि संस्थागत शासन, वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा एक गंभीर मसला है। सह-अध्यक्ष का इस्तीफे की मांग करना और उच्चतम न्यायालय का हस्तक्षेप यह दर्शाता है कि व्यवस्था में सुधार की मांग जोर पकड़ रही है। बार के सदस्यों और आम जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि इस विवाद का निपटारा निष्पक्ष, पारदर्शी और कानूनी दायरे में ही हो। आने वाले दिन इस प्रतिष्ठित संस्था का भविष्य तय करेंगे।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 22 Aug 2026