दिल्ली में 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' को लेकर चल रहे घटनाक्रम में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। दिल्ली पुलिस ने आंदोलनकारियों को रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति दे दी है, जबकि जंतर मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है। इस निर्णय के बाद पुलिस ने जंतर मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को काफी कड़ा कर दिया है, ताकि किसी भी प्रकार की अवांछित स्थिति से निपटा जा सके। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आंदोलन के आयोजकों ने पहले जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की मांग की थी, लेकिन सुरक्षा कारणों और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद आयोजकों और पुलिस के बीच बातचीत हुई, जिसके परिणामस्वरूप रामलीला मैदान को प्रदर्शन के लिए उपयुक्त स्थान माना गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से होना चाहिए और किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून व्यवस्था भंग करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जंतर मंतर पर सुरक्षा बढ़ाए जाने के तहत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, जिसमें अर्धसैनिक बलों के जवान भी शामिल हैं। बैरिकेडिंग लगाकर सभी प्रवेश मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। मेट्रो स्टेशनों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके। आंदोलनकारी जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि आरक्षण का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है और यह व्यवस्था समाज में विभाजन पैदा कर रही है। वहीं, विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने इस आंदोलन पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है। कुछ ने इसका समर्थन किया है तो कुछ ने इसे सामाजिक न्याय के खिलाफ बताया है। इस पूरे घटनाक्रम पर दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन यह संवैधानिक दायरे में होना चाहिए। रामलीला मैदान में होने वाले प्रदर्शन पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम जनता को आश्वस्त किया है कि यातायात और दैनिक जीवन पर न्यूनतम प्रभाव पड़े, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।