केंद्र सरकार ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया है, जिसके चलते उनका यह महत्वपूर्ण दौरा रद्द करना पड़ा है। सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने यात्रा के लिए आवश्यक 'राजनीतिक मंजूरी' इस आधार पर नहीं दी कि इस दौरे में कोई स्पष्ट राजनीतिक उद्देश्य या द्विपक्षीय महत्व नहीं था। इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने अमेरिका यात्रा को स्थगित करने की घोषणा की, हालांकि वे अपनी दो-राष्ट्र यात्रा के पहले चरण में लंदन पहुंच चुके हैं। राजनीतिक मंजूरी एक अनिवार्य प्रक्रिया है जिसके तहत किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री या मंत्री को विदेश यात्रा से पहले केंद्र सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है। यह मंजूरी राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और राजनयिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए दी जाती है। रेवंत रेड्डी की यात्रा के मामले में केंद्र ने पाया कि प्रस्तावित कार्यक्रम में निवेश आकर्षित करने या द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने जैसा कोई ठोस राजनीतिक एजेंडा नहीं था, इसलिए मंजूरी नहीं दी गई। विपक्षी दलों ने इसे केंद्र-राज्य संबंधों में तनाव का एक और उदाहरण बताया है। तेलंगाना सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री की यात्रा राज्य में निवेश लाने और वैश्विक कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने के उद्देश्य से थी। हालांकि, केंद्र का मानना है कि ऐसी यात्राओं के लिए स्पष्ट राजनयिक ढांचा होना चाहिए। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर मुख्यमंत्रियों की विदेश यात्राओं के लिए राजनीतिक मंजूरी की प्रक्रिया पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि राज्यों को विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए अधिक स्वायत्तता दी जानी चाहिए, लेकिन राष्ट्रीय हितों की रक्षा भी जरूरी है। अब मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी लंदन में अपनी यात्रा के पहले चरण को जारी रखेंगे, जहां वे ब्रिटिश कंपनियों के साथ बैठकें करेंगे। इस घटना ने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित किया है। भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने की मांग उठ रही है।