पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान को शनिवार को अदालत के आदेश पर जेल से अस्पताल ले जाया गया है। सूत्रों के अनुसार उनकी तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब चल रही थी, जिसके बाद उनके वकीलों ने अदालत में याचिका दायर कर चिकित्सा सुविधा की मांग की थी। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए तत्काल अस्पताल ले जाने का आदेश जारी किया। यह घटनाक्रम पाकिस्तान की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है क्योंकि इमरान खान अगस्त 2023 से विभिन्न मामलों में जेल में बंद हैं। पाकिस्तान के प्रमुख समाचार चैनलों और अखबारों ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। एनडीटीवी, द हिंदू और टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक इमरान खान को पहले एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन बाद में अदालत की अनुमति से उन्हें निजी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। उनकी पार्टी पीटीआई के प्रवक्ताओं ने दावा किया है कि जेल में उनके स्वास्थ्य की उचित देखभाल नहीं हो रही थी, जिसके कारण उनकी हालत बिगड़ी। पार्टी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। पाकिस्तान के कैबिनेट मंत्री ने मीडिया को बताया कि सरकार इमरान खान के इलाज में कोई कोताही नहीं बरत रही है और अदालत के आदेश का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री को सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। वहीं, इमरान खान के निजी चिकित्सकों की टीम ने उनकी जांच की है और बताया कि उन्हें पेट दर्द, कमजोरी और अन्य समस्याएं हैं। चिकित्सकों ने उन्हें कुछ दिनों तक निगरानी में रखने की सलाह दी है। इस घटनाक्रम पर पाकिस्तान की राजनीतिक पार्टियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है। जहां पीटीआई समर्थक इसे न्याय की जीत बता रहे हैं, वहीं सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने कहा है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी को विशेष सुविधा नहीं दी जा रही। सोशल मीडिया पर भी इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर चर्चा गर्म है। उनके समर्थक #ImranKhanHealth हैशटैग के साथ ट्वीट कर रहे हैं और उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का यह आदेश कैदियों के अधिकारों और चिकित्सा सुविधा के मामले में महत्वपूर्ण नजीर बनेगा। इमरान खान के खिलाफ चल रहे विभिन्न मामलों की सुनवाई पर भी इस घटनाक्रम का असर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में उनकी जमानत याचिकाओं पर सुनवाई होनी है, जिसमें उनके स्वास्थ्य का हवाला दिया जा सकता है। फिलहाल पूरा देश उनके स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए है और राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम के दूरगामी परिणामों पर चर्चा जारी है।