📰 Kotputli News
Breaking News: पीएम मोदी का अधिकारियों को संदेश: विभागीय दीवारें तोड़ें, युवाओं से जुड़ें और AI अपनाएं
🕒 2 weeks ago

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत सरकार के सचिवों के साथ तीसरी उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए शासन-प्रशासन में बड़े बदलाव का आह्वान किया। इस अहम बैठक में प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे विभागीय साइलो यानी अलग-थलग कार्यशैली को तोड़कर समन्वित तरीके से काम करें। उन्होंने कहा कि आज की जटिल चुनौतियों का समाधान अकेले कोई एक विभाग नहीं निकाल सकता, इसलिए अंतर-विभागीय सहयोग और सूचनाओं का मुक्त आदान-प्रदान अनिवार्य है। प्रधानमंत्री का यह संदेश प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने युवाओं, विशेषकर विश्वविद्यालयों के छात्रों और शोधकर्ताओं, के साथ व्यापक संवाद पर जोर दिया। उनका मानना है कि युवा पीढ़ी नए, अपरंपरागत और नवाचारी विचार ला सकती है, जो नीति-निर्माण को अधिक प्रासंगिक और प्रभावी बनाएंगे। प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि मंत्रालय और विभाग नियमित रूप से विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप इकोसिस्टम और युवा पेशेवरों के साथ संवाद के तंत्र विकसित करें। इससे न केवल नए विचारों का प्रवाह होगा, बल्कि युवाओं में शासन प्रक्रिया के प्रति विश्वास और भागीदारी की भावना भी मजबूत होगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग पर विशेष बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नीति-निर्माण और कार्यान्वयन में AI आधारित उपकरणों, डेटा विश्लेषण और पूर्वानुमान मॉडल का व्यापक प्रयोग किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे तकनीक को केवल सहायक उपकरण न मानें, बल्कि उसे निर्णय-प्रक्रिया का अभिन्न अंग बनाएं। प्रधानमंत्री ने दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि नीतियां तात्कालिक लाभ के बजाय अगले 25 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाई जाएं। यह 'अमृत काल' की अवधारणा के अनुरूप है, जिसमें भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को परिणाम-उन्मुख कार्यशैली अपनाने, निगरानी तंत्र को मजबूत करने और नागरिक-केंद्रित सेवाओं की डिलीवरी में तेजी लाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सुशासन का असली पैमाना यह है कि अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ कितनी पारदर्शिता और गति से पहुंचता है। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव और विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों ने भाग लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री के ये निर्देश नौकरशाही की कार्यसंस्कृति में आमूलचूल परिवर्तन ला सकते हैं, बशर्ते इन्हें जमीनी स्तर पर ईमानदारी से लागू किया जाए। निष्कर्षतः, यह उच्चस्तरीय बैठक भारतीय प्रशासन को भविष्योन्मुखी, प्रौद्योगिकी-संचालित और जनभागीदारी-आधारित बनाने की दिशा में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है। प्रधानमंत्री का तीन सूत्रीय मंत्र — साइलो तोड़ना, युवाओं से जुड़ना और AI अपनाना — यदि क्रियान्वित होता है, तो यह सुशासन के नए मानक स्थापित करेगा और भारत के विकास पथ को नई गति प्रदान करेगा।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 21 Aug 2026