नई दिल्ली में राजनयिक तनाव के बीच भारत ने सोमवार को पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर बने अनाधिकृत ढांचों और सुरक्षा घेराबंदी को ध्वस्त कर दिया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई 'जैसे को तैसा' (टिट-फॉर-टैट) नीति के तहत की गई है, जिसके तहत पाकिस्तान द्वारा भारतीय राजनयिक मिशनों के साथ किए जा रहे व्यवहार का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। नगर निगम और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलडोजर चलाकर अवैध बैरिकेड्स, अस्थायी शेड्स और अन्य अनधिकृत निर्माणों को हटा दिया। पिछले कुछ महीनों से दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर पर तनाव लगातार बढ़ रहा है। पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को परेशान करने, उनकी जासूसी करने और आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने की घटनाएं सामने आई थीं। इसके अलावा इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिक आवास के आसपास भी पाकिस्तानी एजेंसियों द्वारा अनावश्यक सुरक्षा घेरा बनाए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। भारत ने कई बार राजनयिक चैनलों के माध्यम से विरोध दर्ज कराया, लेकिन जब पाकिस्तान की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो यह जवाबी कदम उठाया गया। कार्रवाई के दौरान चाणक्यपुरी स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) के अधिकारियों ने बताया कि ये ढांचे सड़क पर अतिक्रमण करके बनाए गए थे और यातायात में बाधा डाल रहे थे। पिछले सप्ताह ही एनडीएमसी ने नोटिस जारी करके इन्हें हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन निर्धारित समयावधि में कार्रवाई नहीं होने पर प्रशासन ने बलपूर्वक इन्हें ध्वस्त कर दिया। इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया था। पाकिस्तान की ओर से इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इसे वियना कन्वेंशन का उल्लंघन बताते हुए भारतीय उपउच्चायुक्त को तलब किया है। वहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई स्थानीय नगर निकाय द्वारा नियमों के तहत की गई है और इसका राजनयिक संबंधों से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, राजनयिक सूत्रों का मानना है कि यह कदम पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देने के लिए उठाया गया है कि भारतीय राजनयिकों की सुरक्षा और गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम से दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंध और अधिक जटिल हो सकते हैं। हालांकि, भारत का रुख स्पष्ट है कि वह पारस्परिकता के सिद्धांत पर अडिग रहेगा। आने वाले दिनों में राजनयिक स्तर पर और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं, यदि पाकिस्तान अपने रवैये में बदलाव नहीं लाता। इस बीच, सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी संभावित प्रतिक्रिया से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।