कोलकाता के फ्री स्कूल स्ट्रीट स्थित एक होटल में मंगलवार तड़के लगी भीषण आग ने नौ लोगों की जान ले ली जबकि छह अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। मृतकों में अधिकांश बांग्लादेशी नागरिक बताए जा रहे हैं जो इलाज के लिए शहर आए थे। घटना तड़के करीब तीन बजे की है जब होटल की दूसरी मंजिल पर लगे एयर कंडीशनर में विस्फोट होने के बाद आग भड़क उठी। होटल में प्रवेश और निकास का केवल एक ही रास्ता होने के कारण लोग अंदर फंस गए और धुएं के कारण दम घुटने से कई ने दम तोड़ दिया। दमकल की दस गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घायलों को एसएसकेएम अस्पताल और अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जहां तीन की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके से नमूने जुटाए हैं और प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या एसी कंप्रेसर फटने को मुख्य वजह माना जा रहा है। होटल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शहर के सभी होटलों, गेस्ट हाउस और लॉज की अग्नि सुरक्षा ऑडिट तत्काल कराई जाएगी। बांग्लादेश उप उच्चायोग ने भी अपने नागरिकों की मौत पर दुख जताया है और शवों को स्वदेश भेजने में सहयोग मांगा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही होटल में अफरा-तफरी मच गई। खिड़कियों से धुआं निकलता देख आसपास के लोगों ने दमकल और पुलिस को सूचना दी। कुछ लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूद पड़े जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। होटल में फायर एक्सटिंग्विशर, स्मोक डिटेक्टर और आपातकालीन निकास की व्यवस्था नहीं थी जो नियमों का खुला उल्लंघन है। नगर निगम ने होटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया है और मालिक को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा की पोल खोल दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने भवनों में बिना अनुमति के चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की नियमित जांच अनिवार्य होनी चाहिए। प्रशासन को चाहिए कि वह दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे और पीड़ित परिवारों को त्वरित न्याय दिलाए। साथ ही जनमानस को भी आग से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाना समय की मांग है।