कोलकाता के एक होटल में मंगलवार तड़के लगी भीषण आग ने 9 बांग्लादेशी नागरिकों की जान ले ली, जबकि 6 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। यह हादसा शहर के न्यू मार्केट इलाके में स्थित एक निजी होटल में हुआ, जहां बांग्लादेश से आए मरीज और उनके परिजन ठहरे हुए थे। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण एयर कंडीशनर में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि फोरेंसिक टीम विस्तृत जांच में जुटी है। दमकल की 10 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक भारी क्षति हो चुकी थी। मृतकों में 5 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल हैं, जिनकी उम्र 25 से 60 वर्ष के बीच बताई जा रही है। सभी बांग्लादेश से चिकित्सा उपचार के लिए कोलकाता आए थे और इस होटल में ठहरे हुए थे। घायलों को एसएसकेएम अस्पताल और कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां तीन की हालत नाजुक बनी हुई है। होटल के कमरों में धुआं भर जाने के कारण कई लोग बेहोश हो गए थे, जिन्हें दमकलकर्मियों ने खिड़कियां तोड़कर बाहर निकाला। एक ही परिवार के 12 सदस्य बालकनी के रास्ते सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहे, जिसने उनकी जान बचाई। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 1-1 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। बांग्लादेश उच्चायोग के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और अपने नागरिकों की सहायता में जुट गए हैं। होटल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है, जिसमें अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की बात सामने आ रही है। शहर के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल ने बताया कि होटल में अग्निशमन उपकरणों की कमी पाई गई है और आपातकालीन निकास द्वार भी बंद थे। होटल मालिक और प्रबंधक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर किया है। प्रशासन ने शहर के सभी होटलों और गेस्ट हाउसों की अग्नि सुरक्षा ऑडिट करने का आदेश दिया है। इस दुखद घटना ने चिकित्सा पर्यटन के लिए आने वाले विदेशी नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार को होटलों और अस्पतालों के आसपास के क्षेत्रों में कड़े सुरक्षा मानक लागू करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी न दोहराई जाए। पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए समाज के विभिन्न वर्गों ने सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की है।