भारत ने स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा समर्थित एक विशाल नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जानकारी दी कि सुरक्षा एजेंसियों ने देशभर के 14 राज्यों में चले एक व्यापक अभियान में 253 से अधिक आतंकी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। ये सभी पाकिस्तान स्थित आकाओं के निर्देश पर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बड़े हमलों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। इस सफलता को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क को कुख्यात गैंगस्टर शाहजाद भट्टी चला रहा था, जो पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के सीधे संपर्क में था। भट्टी ने सोशल मीडिया और डिजिटल मंचों के जरिए युवाओं को बरगलाकर भर्ती किया था। ये भर्तियां बेहद गोपनीय तरीके से होती थीं, जहां नए सदस्यों को केवल उतनी ही जानकारी दी जाती थी जितनी उनके काम के लिए जरूरी हो। इस 'जरूरत के आधार पर जानकारी' वाली रणनीति और 'इस्तेमाल करके छोड़ देने' वाली भर्ती पद्धति के कारण एजेंसियों को लंबे समय तक इस जाल की तह तक पहुंचने में मुश्किल हो रही थी। गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं के पास से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री और संचार उपकरण बरामद हुए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि इनका निशाना प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठान, भीड़भाड़ वाले बाजार और स्वतंत्रता दिवस के आयोजन स्थल थे। सुरक्षा एजेंसियों ने इस अभियान को 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' का नाम दिया है, जो कई महीनों की खुफिया निगरानी और समन्वित प्रयासों का नतीजा है। इस कार्रवाई ने सीमा पार से संचालित होने वाले आतंकी ढांचे की कमर तोड़ दी है। गृह मंत्री अमित शाह ने इस अभियान में शामिल सभी सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर कायम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के किसी भी मंसूबे को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। शाह ने यह भी बताया कि गिरफ्तार आतंकियों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है और कई अन्य संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। इस बड़ी कामयाबी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था कितनी सशक्त और सतर्क है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी नए-नए तरीकों से भारत में अस्थिरता फैलाने की कोशिश करती रहेगी। इसलिए भविष्य में भी ऐसी किसी भी साजिश को समय रहते नाकाम करने के लिए खुफिया तंत्र को और मजबूत करने तथा अंतर-एजेंसी समन्वय को बढ़ाने की जरूरत है। यह जीत सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और समर्पण का प्रमाण है।