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Breaking News: राहुल गांधी का हेमंत सोरेन को पत्र: झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों से मिलने और जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद सुलझाने का आग्रह
🕒 3 weeks ago

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने झारखंड के मुख्यमंत्री और अपने सहयोगी हेमंत सोरेन को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखकर आंदोलनरत छात्रों से मिलने और उनकी समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया है। यह पत्र ऐसे समय में आया है जब झारखंड में जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) और जेएसएससी (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र पिछले 24 दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। राहुल गांधी ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि युवाओं की आवाज को सुना जाना चाहिए और उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक कांवड़िया युवक ने 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करके देवघर मंदिर तक पहुंचकर परीक्षाओं को रद्द करने की प्रार्थना की। हजारों छात्र रांची में धरने पर बैठे हैं और उनकी मांग है कि जेपीएससी की 14वीं परीक्षा और जेएसएससी की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को रद्द करके नए सिरे से पारदर्शी तरीके से आयोजित किया जाए। छात्रों का आरोप है कि इन परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है और योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है। सरकार की ओर से इस मामले में अब सकारात्मक संकेत मिलने लगे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने जेपीएससी की 14वीं परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की है, जिसे आंदोलनकारियों की बड़ी जीत माना जा रहा है। इसके साथ ही सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच सातवें दौर की वार्ता भी हुई है, जिसमें अन्य मांगों पर सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि वह युवाओं के भविष्य के प्रति संवेदनशील है और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी। राजनीतिक दृष्टिकोण से राहुल गांधी का यह हस्तक्षेप बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि झारखंड में कांग्रेस झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में सहयोगी दल है। राहुल गांधी का यह कदम न केवल सहयोगी दल के प्रति जिम्मेदारी दर्शाता है, बल्कि युवा मतदाताओं के बीच कांग्रेस की संवेदनशील छवि को भी मजबूत करता है। इससे पहले भी राहुल गांधी बेरोजगारी और परीक्षा धांधली के मुद्दों पर मुखर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनआंदोलनों की ताकत और विपक्षी नेताओं की सकारात्मक भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है। अब देखना होगा कि सरकार छात्रों की शेष मांगों को कितनी जल्दी पूरा करती है और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है। उम्मीद है कि इस समाधान से झारखंड के लाखों युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा और उन्हें न्याय मिलेगा।

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✍️ By Pradeep Yadav | 17 Aug 2026