राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे पहला सवाल पूछा था, 'मुझे तुरंत चाहिए'। यह वाक्य प्रधानमंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति और आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। डोभाल के अनुसार, प्रधानमंत्री ने हमले के तुरंत बाद कार्रवाई की रूपरेखा जाननी चाही और किसी भी तरह की देरी को अस्वीकार कर दिया। इस खुलासे ने सुरक्षा प्रतिष्ठान के गलियारों में हलचल मचा दी है और यह स्पष्ट संकेत देता है कि भारत अब आतंकी घटनाओं पर मूकदर्शक बनकर नहीं रहेगा। डोभाल ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर ही 'ऑपरेशन सिंदूर' की रूपरेखा तैयार की गई, जिसका उद्देश्य आतंक के पनाहगाहों को नेस्तनाबूद करना है। उन्होंने पाकिस्तान को सीधी और कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, 'हम उन्हें जहन्नुम तक जाकर मारेंगे।' यह बयान भारत की उस नई सैन्य सिद्धांत को रेखांकित करता है जिसके तहत सीमा पार जाकर आतंकी ठिकानों पर प्रहार करना अब एक स्वीकृत रणनीति बन चुकी है। डोभाल ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के प्रायोजकों को अब किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कहीं भी छिपे हों। इस बीच, ऑपरेशन सिंदूर की गाथा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक डॉक्यूसीरीज 'डीक्लासीफाइड: ऑपरेशन सिंदूर' तैयार की गई है, जिसे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को प्रसारित किया जाएगा। इस सीरीज में ऑपरेशन की योजना, क्रियान्वयन और उसके रणनीतिक महत्व को विस्तार से दिखाया जाएगा। सूचना प्रसारण मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से बनी इस सीरीज का उद्देश्य देशवासियों को सेना के पराक्रम और सरकार की दृढ़ नीति से अवगत कराना है। इसके प्रसारण से युवा पीढ़ी में राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता और गर्व का भाव जागृत होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की 'तुरंत कार्रवाई' वाली सोच और डोभाल की 'जहन्नुम तक पीछा' करने की रणनीति ने आतंकवाद के विरुद्ध भारत की लड़ाई को एक नया आयाम दिया है। पहलगाम हमले के बाद जिस तेजी से प्रतिक्रिया हुई, उसने दुश्मन को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि भारत की धरती पर नजर गड़ाने वालों का अंजाम बुरा होगा। यह नीति न केवल आतंकियों के हौसले पस्त करेगी, बल्कि उनके आकाओं को भी पुनर्विचार पर मजबूर करेगी। निष्कर्षतः, एनएसए डोभाल का यह खुलासा और ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूसीरीज का प्रसारण, दोनों ही भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में आए गुणात्मक परिवर्तन के द्योतक हैं। सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है कि आतंकवाद के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। यह दृढ़ता ही नए भारत की पहचान बनती जा रही है।