देश ने 77वां स्वतंत्रता दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और वर्तमान चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा को समय की मांग बताते हुए स्पष्ट किया कि देश में गैस, ईंधन और यूरिया की कोई कमी नहीं है। प्रधानमंत्री का यह संबोधन ऐसे समय आया जब विश्वभर में भू-राजनीतिक तनाव और जलवायु परिवर्तन के कारण ऊर्जा संकट गहराया हुआ है। अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कोविड महामारी, वैश्विक युद्ध और अफवाह फैलाने वालों पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को डरावनी भविष्यवाणियां करने में आनंद आता है, लेकिन भारत ने हर संकट का डटकर मुकाबला किया है। चाहे वह कोरोना महामारी हो या फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उथल-पुथल, भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखा। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देश ने न केवल अपनी जरूरतें पूरी कीं, बल्कि विश्व को भी सहायता पहुंचाई। केंद्र सरकार ने इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष निर्देश जारी किए। सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह रहा कि राष्ट्रगान 'जन गण मन' से पहले 'वंदे मातरम' गाया जाए। इस कदम को राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा समारोहों में स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने उन्हें पूर्ण सरकारी सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर राहत और पुनर्वास कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित सहायता पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना की टीमें पहले से ही तैनात हैं। प्रधानमंत्री ने आपदा प्रबंधन में तकनीक के बेहतर उपयोग पर भी बल दिया। स्वतंत्रता दिवस का यह अवसर न केवल आजादी के नायकों को याद करने का है, बल्कि नए संकल्प लेने का भी है। प्रधानमंत्री के संबोधन में ऊर्जा सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, राष्ट्रीय गौरव और अफवाहों से लड़ने का स्पष्ट संदेश निहित है। देशवासियों का आह्वान है कि वे एकजुट होकर विकसित भारत के सपने को साकार करने में अपना योगदान दें। यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी उन वीरों को जिन्होंने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।