महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित प्रसिद्ध गुरुद्वारा श्री हजूर साहिब में बुधवार को उस समय सनसनी फैल गई जब शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर एक अज्ञात हमलावर ने चाकू से हमला कर दिया। घटना उस समय हुई जब बादल गुरुद्वारे में मत्था टेकने के बाद संगत से मिल रहे थे। हमलावर ने अचानक उन पर चाकू से वार किया, जिससे उनके हाथ और कंधे पर गहरी चोटें आईं। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और श्रद्धालुओं ने तत्परता दिखाते हुए हमलावर को दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। घायल अवस्था में बादल को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत खतरे से बाहर है, लेकिन चोटें गंभीर बताई जा रही हैं। घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावर गुरुद्वारे में श्रद्धालु बनकर घुसा था और उसने सुनियोजित तरीके से हमला किया। अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इसे "मध्यममार्गी नेतृत्व को खत्म करने की गहरी साजिश" करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला अकाली दल की आवाज को दबाने और पंजाब की राजनीति में अस्थिरता पैदा करने के लिए किया गया है। मजीठिया ने कहा कि बादल पर हमला तब हुआ जब वे गुरु घर में सेवा कर रहे थे, जो न केवल एक राजनेता पर हमला है बल्कि सिख मर्यादा और गुरु घर की पवित्रता पर भी सीधा प्रहार है। घटना के तुरंत बाद अकाली दल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि स्थानीय पुलिस जांच में निष्पक्षता नहीं बरत सकती क्योंकि यह अंतरराज्यीय साजिश का मामला हो सकता है। अकाली दल के प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि हमलावर के तार किसी बड़े षड्यंत्र से जुड़े हो सकते हैं और इसकी गहन जांच केंद्रीय एजेंसी से ही संभव है। उन्होंने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से मांग की कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए और बादल की सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता किया जाए। पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। प्रारंभिक जांच में हमलावर की पहचान नांदेड़ निवासी के रूप में हुई है, लेकिन उसके मकसद और संभावित साजिशकर्ताओं के बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। महाराष्ट्र पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पंजाब पुलिस भी अपने स्तर पर जांच में सहयोग कर रही है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी घटना की निंदा करते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की बात कही है। इस घटना ने पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने हमले की निंदा की है और बादल के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घटना पर दुख जताते हुए जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस हमले का असर आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीतिक सरगर्मियों पर पड़ सकता है। अकाली दल इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है, वहीं सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वह जल्द से जल्द साजिश का पर्दाफाश करे। सिख समुदाय में भी इस घटना को लेकर रोष व्याप्त है और गुरु घर की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।