दक्षिण अमेरिका के दो देशों कोलंबिया और इक्वाडोर में शनिवार को आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। रिक्टर पैमाने पर ७.४ तीव्रता वाले इस भूकंप का केंद्र कोलंबिया की राजधानी बोगोटा के निकट स्थित था, जिसके झटके इक्वाडोर के कई शहरों तक महसूस किए गए। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम २० लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों अन्य घायल बताए जा रहे हैं। भूकंप इतना शक्तिशाली था कि इसके झटके कई मिनट तक महसूस होते रहे, जिससे लोगों में दहशत फैल गई और वे घरों से बाहर निकलकर खुले मैदानों में शरण लेने को मजबूर हो गए। भूकंप से सबसे अधिक प्रभावित कोलंबिया का काली शहर रहा, जहां एक अस्पताल की इमारत ढह जाने से कई मरीज और चिकित्साकर्मी मलबे में दब गए। इक्वाडोर के तटीय इलाकों में भी इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है, कई पुरानी इमारतें पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं। सड़कों में दरारें पड़ गई हैं, बिजली और संचार सेवाएं ठप हो गई हैं, जिससे राहत कार्यों में बाधा आ रही है। कोलंबिया के राष्ट्रपति ने तत्काल आपातकाल की घोषणा करते हुए सेना की पांच बचाव टुकड़ियों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर दिया है, जो मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं, लेकिन लगातार आ रहे झटकों से बचावकर्मियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब तक ४७ से अधिक शव निकाले जा चुके हैं, जबकि कुछ रिपोर्टों में मृतकों की संख्या १०० के पार जाने की आशंका जताई गई है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सा संसाधनों की कमी के चलते इलाज में कठिनाई आ रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी सहायता की पेशकश की है, कई देशों ने राहत सामग्री और विशेषज्ञ दल भेजने की घोषणा की है। भूकंप वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में आफ्टरशॉक्स यानी बाद के झटके जारी रह सकते हैं, जिनकी तीव्रता ५ से ६ के बीच हो सकती है। लोगों से अपील की गई है कि वे क्षतिग्रस्त इमारतों के पास न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। सरकार ने अस्थायी शिविर लगाकर बेघर हुए लोगों के लिए भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था शुरू कर दी है। स्कूलों और सरकारी इमारतों को राहत शिविरों में तब्दील किया जा रहा है। इस विनाशकारी भूकंप ने एक बार फिर प्रकृति की अपार शक्ति के सामने मानव की विवशता को उजागर किया है। दोनों देशों की सरकारें राहत कार्यों में पूरी ताकत झोंक रही हैं, लेकिन जानमाल का नुकसान दिल दहला देने वाला है। अंतरराष्ट्रीय बिरादरी की त्वरित सहायता और स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों से ही इस त्रासदी के प्रभाव को कम किया जा सकता है। हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं और हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।