📰 Kotputli News
Breaking News: झारखंड में छात्र आंदोलन तेज: सीआईडी ने पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल खियांगटे को किया गिरफ्तार, अभ्यर्थियों का विधानसभा घेराव जारी
🕒 4 weeks ago

झारखंड की राजधानी रांची में पिछले कई दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन ने मंगलवार को नया मोड़ ले लिया जब सीआईडी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के पूर्व अध्यक्ष एल खियांगटे को भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई को आंदोलनरत अभ्यर्थियों की बड़ी जीत माना जा रहा है, जो लंबे समय से जेपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं में धांधली का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी से जहां छात्रों में न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे सरकार पर दबाव का नतीजा बताया है। गिरफ्तारी के बाद भी छात्रों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार को हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों ने विधानसभा परिसर में घुसने का प्रयास किया, जिस पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। कई छात्र घायल हुए हैं, जिनके सिर पर पट्टियां बंधी देखी गईं। द प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के गमछे खून से सने हुए थे। एबीवीपी ने भी छात्रों के समर्थन में शांतिपूर्ण मार्च निकालकर विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया है, जिससे राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है। पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष पर आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान हुई सातवीं से दसवीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा सहित कई भर्तियों में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी हुई। अभ्यर्थियों का दावा है कि कट-ऑफ में हेरफेर, उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली और योग्य उम्मीदवारों को बाहर कर अयोग्य लोगों का चयन किया गया। सीआईडी की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी पहल माना जा रहा है, लेकिन छात्र संगठन केवल एक गिरफ्तारी से संतुष्ट नहीं हैं। उनकी मांग है कि सभी दोषी अधिकारियों और नेताओं पर कार्रवाई हो तथा प्रभावित परीक्षाएं रद्द कर नए सिरे से पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन विपक्षी भाजपा और आजसू ने सरकार पर जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। विधानसभा में भी यह मुद्दा गरमाया रहा, जहां विपक्ष ने कार्यस्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आगामी चुनावों में बड़ा मुद्दा बन सकता है, क्योंकि झारखंड के युवा मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग इससे सीधे प्रभावित है। निष्कर्ष के तौर पर, पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष की गिरफ्तारी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन असली न्याय तभी होगा जब पूरी व्यवस्था की सफाई हो और योग्य अभ्यर्थियों को उनका हक मिले। छात्रों का दृढ़ संकल्प और राजनीतिक दलों का समर्थन इस आंदोलन को निर्णायक मोड़ तक ले जा सकता है। अब सबकी नजरें सीआईडी की आगे की जांच और सरकार के अगले कदमों पर टिकी हैं।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 10 Aug 2026