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Breaking News: शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने बताई वजह, बोले- प्रधानमंत्री से मांगी थी मंजूरी
🕒 4 weeks ago

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इस बड़े फैसले के पीछे की वजहों का खुलासा किया है। प्रधान ने स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा किसी दबाव में नहीं, बल्कि सिद्धांतों और युवा शक्ति के सम्मान में लिया गया एक सोचा-समझा निर्णय था। उन्होंने बताया कि छात्रों और युवाओं की मांगों को लेकर वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास गए थे और उनसे इन मांगों को स्वीकार करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन जब बात नहीं बनी तो उन्होंने पद छोड़ना ही उचित समझा। धर्मेंद्र प्रधान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वर्तमान दौर में जनरेशन ज़ेड यानी युवा पीढ़ी एक ऐसी शक्ति बनकर उभरी है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ तत्वों ने युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास किया, लेकिन युवाओं की वास्तविक चिंताओं और आकांक्षाओं को समझना सरकार का दायित्व है। प्रधान ने जोर देकर कहा कि उन्होंने युवाओं की आवाज को मजबूती से रखने का प्रयास किया और जब उन्हें लगा कि उनकी बात को उचित महत्व नहीं मिल रहा, तो उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की आलोचनाओं का जवाब देते हुए प्रधान ने कहा कि वे कभी भी ओडिशा का अपमान नहीं कर सकते। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी पहचान ओडिशा से है और वे हमेशा अपने राज्य के मान-सम्मान के लिए खड़े रहे हैं। प्रधान ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा किसी राजनीतिक साजिश का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह उनके उस सिद्धांत का प्रतीक है जिसमें वे जनभावनाओं और खासकर युवाओं की आवाज को सर्वोपरि मानते हैं। इस पूरे प्रकरण को राजनीतिक विश्लेषक मोदी सरकार के भीतर युवा नीतियों और छात्र मुद्दों को लेकर चल रही आंतरिक चर्चा के रूप में देख रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान का यह कदम भाजपा के लिए जहां एक तरफ नैतिक साहस का उदाहरण है, वहीं दूसरी तरफ यह युवा मतदाताओं को संदेश देने का प्रयास भी माना जा रहा है कि सरकार उनकी चिंताओं को गंभीरता से लेती है। आने वाले दिनों में शिक्षा मंत्रालय के नए नेतृत्व और युवा केंद्रित नीतियों की दिशा पर सबकी निगाहें रहेंगी। निष्कर्षतः, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और उसके बाद उनका स्पष्टीकरण भारतीय राजनीति में एक नई मिसाल पेश करता है, जहां एक वरिष्ठ मंत्री ने सिद्धांतों के लिए पद त्याग दिया। यह घटना न केवल सरकार बल्कि पूरे राजनीतिक वर्ग को युवाओं की बढ़ती ताकत और उनकी अपेक्षाओं के प्रति सचेत करती है। भविष्य में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार युवा आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 09 Aug 2026