कनाडा के टोरंटो में भारतीय मूल की महिला हिमांशी खुराना की हत्या के सात महीने बाद पुलिस ने उनके साथी को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने भारतीय समुदाय समेत पूरे कनाडा में सनसनी फैला दी थी। हिमांशी का शव पिछले साल दिसंबर में टोरंटो के एक अपार्टमेंट में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। तभी से पुलिस इस मामले की गहन जांच में जुटी थी और अब जाकर मुख्य आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए व्यक्ति पर फर्स्ट-डिग्री मर्डर का आरोप लगाया गया है। यह गिरफ्तारी कनाडा-वाइड वारंट जारी होने के बाद हुई है। आरोपी हिमांशी का पार्टनर बताया जा रहा है और घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था। टोरंटो पुलिस ने कई महीनों तक चले ऑपरेशन के बाद उसे धर दबोचा। इस मामले में सीटीवी न्यूज, हिंदुस्तान टाइम्स, एनडीटीवी और इंडियन एक्सप्रेस जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों ने विस्तृत रिपोर्टिंग की है। हिमांशी खुराना मूल रूप से भारत की रहने वाली थीं और कनाडा में नौकरी करती थीं। उनकी मौत ने भारतीय प्रवासी समुदाय को झकझोर कर रख दिया था। समुदाय के लोग लगातार न्याय की मांग कर रहे थे और पुलिस पर दबाव बना रहे थे। गिरफ्तारी के बाद हिमांशी के परिजनों और दोस्तों ने राहत की सांस ली है, लेकिन वे अदालत से कड़ी सजा की उम्मीद कर रहे हैं। पुलिस ने जांच के दौरान फोरेंसिक सबूतों, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों को अहम माना। जांचकर्ताओं का कहना है कि यह एक सुनियोजित अपराध था और आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश भी की थी। हालांकि, आधुनिक तकनीक और लगातार निगरानी की वजह से वह कानून के शिकंजे से नहीं बच सका। कनाडा की न्याय प्रणाली अब इस मामले की सुनवाई करेगी। इस घटना ने विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़े किए हैं। समुदाय के नेताओं ने कनाडा सरकार से मांग की है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और प्रवासियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए जाएं। हिमांशी खुराना को न्याय दिलाने की यह लड़ाई अभी अदालत में लंबी चलेगी, लेकिन पहली बड़ी बाधा पार हो चुकी है।