ईरान की राजनीति में इन दिनों भारी उथल-पुथल मची हुई है। इजरायली मीडिया ने सनसनीखेज दावा किया है कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे और संभावित उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 55 वर्षीय मोजतबा 'किसी भी क्षण दम तोड़ सकते हैं'। इस खबर ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, क्योंकि मोजतबा को लंबे समय से अपने पिता के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता रहा है। हालांकि, ईरान की ओर से आधिकारिक तौर पर इस बारे में कोई पुष्टि या खंडन नहीं किया गया है, जिससे रहस्य और गहरा गया है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में मोजतबा के ठिकाने और स्वास्थ्य को लेकर विरोधाभासी जानकारियां सामने आ रही हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, वे गंभीर रूप से घायल हैं और 'अंधेरे में एक आवाज' बनकर रह गए हैं, जबकि वे ईरान में भी नहीं हैं। वहीं, हिंदुस्तान टाइम्स ने दावा किया है कि उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंताओं के बीच कथित नए वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं। सबसे चौंकाने वाला खुलासा एनडीटीवी की रिपोर्ट में हुआ है, जिसमें कहा गया है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अंधेरे में मोजतबा से मुलाकात की थी, लेकिन वे इस बात से आश्वस्त नहीं थे कि वह वास्तव में मोजतबा ही थे। इन विरोधाभासी रिपोर्ट्स ने स्थिति को और अधिक अस्पष्ट बना दिया है। मोजतबा खामेनेई का महत्व ईरान की भावी राजनीति के लिहाज से बेहद अहम है। वे अपने पिता के करीबी सलाहकार माने जाते हैं और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) तथा सुरक्षा प्रतिष्ठानों में उनका गहरा दखल रहा है। 1989 से सत्ता संभाल रहे 85 वर्षीय अयातुल्ला खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर भी अटकलें लगती रही हैं। ऐसे में मोजतबा की संभावित अनुपस्थिति या निधन ईरान के उत्तराधिकारी संकट को गहरा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मोजतबा उत्तराधिकार की दौड़ से बाहर होते हैं, तो सर्वोच्च नेता का चयन करने वाली असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सामने नए विकल्प तलाशने की चुनौती होगी, जिसमें अन्य कट्टरपंथी मौलवी या सैन्य नेता शामिल हो सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर ईरान की आधिकारिक चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। आमतौर पर ईरानी शासन ऐसी अफवाहों का तुरंत खंडन करता रहा है, लेकिन इस बार उसकी खामोशी रहस्यमय है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि शासन आंतरिक स्थिरता बनाए रखने के लिए सूचनाओं को नियंत्रित कर रहा है, तो कुछ का कहना है कि वास्तव में स्थिति गंभीर है और अधिकारी उत्तराधिकार की योजना पर गुप्त रूप से काम कर रहे हैं। इजरायली मीडिया के दावों को ईरान अक्सर दुष्प्रचार बताता रहा है, लेकिन इस बार विभिन्न अंतरराष्ट्रीय स्रोतों से आ रही खबरों ने मामले को गंभीर बना दिया है। आने वाले दिन ईरान की राजनीतिक दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकते हैं। यदि मोजतबा खामेनेई की हालत वाकई नाजुक है या उनका निधन हो जाता है, तो ईरान में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया बेहद संवेदनशील मोड़ ले लेगी। अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेषकर पश्चिमी देश और मध्य पूर्व के राष्ट्र, इस घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए हैं, क्योंकि ईरान की आंतरिक स्थिरता का सीधा असर क्षेत्रीय सुरक्षा, परमाणु समझौते और वैश्विक तेल बाजार पर पड़ता है। फिलहाल, दुनिया ईरान की ओर से किसी आधिकारिक बयान का इंतजार कर रही है, जो इस रहस्य से पर्दा उठा सके।