मॉस्को के एक व्यस्त रेस्तरां में हुए भीषण बम धमाके ने राजधानी को दहला दिया है। शनिवार शाम को हुई इस घटना में एक महिला द्वारा ले जाए जा रहे विस्फोटक उपकरण में उस समय विस्फोट हो गया जब सुरक्षाकर्मियों ने उसे प्रवेश द्वार पर रोकने का प्रयास किया। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि 21 अन्य घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई और आतंकवाद रोधी जांच शुरू कर दी गई है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, महिला रेस्तरां में प्रवेश करने का प्रयास कर रही थी तभी सुरक्षा जांच के दौरान उसके पास मौजूद बैग या वस्तु में अचानक विस्फोट हो गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि रेस्तरां के शीशे टूट गए और आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। आपातकालीन सेवाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। रूसी जांच समिति ने इसे आतंकवादी कृत्य मानते हुए आपराधिक मामला दर्ज किया है और हमले के पीछे के मकसद तथा महिला की पहचान का पता लगाने में जुट गई है। सरकारी समाचार एजेंसी TASS के हवाले से खबर है कि विस्फोटक उपकरण को महिला ने अपने साथ छिपाकर रखा था और वह संभवतः रेस्तरां के अंदर भीड़भाड़ वाले इलाके में इसे फोड़ने की योजना बना रही थी। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता से बड़ी तबाही टल गई, लेकिन द्वार पर हुए विस्फोट ने फिर भी जानलेवा नुकसान किया। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को घटना की जानकारी दे दी गई है और उन्होंने पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने भी घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस घटना ने एक बार फिर रूस की आंतरिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के महीनों में मॉस्को और अन्य शहरों में इसी तरह के हमलों की आशंका जताई जा रही थी, जिसके चलते सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला किसी चरमपंथी समूह या अकेले हमलावर द्वारा अंजाम दिया गया हो सकता है। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और गवाहों के बयानों के आधार पर महिला की पृष्ठभूमि और संभावित सहयोगियों का पता लगा रही हैं। मॉस्को के नागरिक इस घटना से स्तब्ध और भयभीत हैं। सोशल मीडिया पर लोग पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे सामने आने के बाद ही हमले की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया है कि आतंकवाद का खतरा अभी भी बरकरार है और इसके लिए निरंतर सतर्कता आवश्यक है।