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Breaking News: केंद्र ने राज्यों को 1.09 लाख करोड़ रुपये का अग्रिम कर हस्तांतरण जारी किया, केरल और बंगाल को अतिरिक्त सहायता
🕒 1 hour ago

केंद्र सरकार ने राज्यों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 1,09,019 करोड़ रुपये का कर हस्तांतरण अग्रिम किस्त के रूप में जारी किया है। यह राशि राज्यों को उनके हिस्से के केंद्रीय करों में से दी गई है, जिससे वे अपनी विकास योजनाओं और पूंजीगत खर्च को गति दे सकें। वित्त मंत्रालय के इस फैसले को सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत करने वाला माना जा रहा है, क्योंकि यह राज्यों को वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराता है। इस अग्रिम हस्तांतरण का उद्देश्य राज्यों के पास नकदी प्रवाह को सुनिश्चित करना है, ताकि वे बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण जैसी प्राथमिकता वाली योजनाओं पर बिना रुकावट खर्च कर सकें। आमतौर पर कर हस्तांतरण मासिक किस्तों में किया जाता है, लेकिन इस बार अग्रिम किस्त जारी कर केंद्र ने राज्यों की तात्कालिक वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखा है। इससे राज्यों को बाजार से कर्ज लेने की निर्भरता कम होगी और वे अपने विकास कार्यों को समय पर पूरा कर पाएंगे। विशेष राज्यों को अतिरिक्त सहायता भी दी गई है। केरल को 2,597 करोड़ रुपये की अतिरिक्त किस्त जारी की गई है, जिसका उद्देश्य राज्य के पूंजीगत व्यय को बढ़ावा देना है। वहीं, पश्चिम बंगाल को 7,866 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर हस्तांतरण मिला है। गौरतलब है कि जुलाई महीने में पश्चिम बंगाल का जीएसटी संग्रह 2 प्रतिशत बढ़कर 5,564 करोड़ रुपये रहा, जो राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार का संकेत देता है। केंद्र की इस अतिरिक्त सहायता से बंगाल अपनी विकास परियोजनाओं को और तेजी से आगे बढ़ा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राज्यों के वित्तीय स्वायत्तता को मजबूत करेगा और उन्हें अपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजना बनाने की आजादी देगा। कर हस्तांतरण में वृद्धि और अग्रिम जारी करने से राज्यों की राजकोषीय स्थिति में सुधार होगा, जिससे वे केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं में अपनी हिस्सेदारी समय पर दे पाएंगे। यह केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों में पारदर्शिता और विश्वास को भी बढ़ाता है। कुल मिलाकर, केंद्र सरकार का यह निर्णय राज्यों की आर्थिक सेहत सुधारने और राष्ट्रीय विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। आने वाले महीनों में इस राशि का उपयोग राज्यों द्वारा पूंजीगत संपत्ति निर्माण में किए जाने की उम्मीद है, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी। यह सहकारी संघवाद की दिशा में एक और मजबूत कदम साबित होगा।

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✍️ By Pradeep Yadav | 01 Aug 2026