पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में स्थित विश्व की 12वीं सबसे ऊंची चोटी ब्रॉड पीक पर एक भयानक हिमस्खलन ने पर्वतारोहण जगत को झकझोर कर रख दिया है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने शनिवार को पुष्टि की कि बचाव दलों ने 8,051 मीटर ऊंची इस चोटी से कई पर्वतारोहियों के शव बरामद किए हैं। इस दुखद घटना में ओमान के प्रसिद्ध पर्वतारोही नादिर अल किंदि और अमेरिका की नौसिखिया क्लाइंबर एना गुटु समेत नेपाल के दिग्गज पर्वतारोही निर्मल 'निम्स' पुरजा के भी हताहत होने की खबरें सामने आ रही हैं। यह हादसा शुक्रवार को उस समय हुआ जब ये पर्वतारोही शिखर पर पहुंचने के बाद नीचे उतर रहे थे। बचाव अभियान में लगे पाकिस्तानी सेना के हेलीकॉप्टरों और स्थानीय गाइडों की टीमों ने बेहद विषम मौसम परिस्थितियों में शवों को बरामद करने का कार्य किया। अधिकारियों के अनुसार, हिमस्खलन इतना शक्तिशाली था कि इसने पर्वतारोहियों के शिविरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। ओमान के नादिर अल किंदि को 'अरब जगत का पर्वतारोहण दिग्गज' माना जाता था, जिन्होंने बिना ऑक्सीजन के कई 8,000 मीटर से ऊंची चोटियों पर चढ़ाई की थी। वहीं, अमेरिका के सैन एंटोनियो की रहने वाली एना गुटु अपने पिता के साथ इस अभियान पर थीं और उनकी मौत ने उनके परिवार और स्थानीय समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। नेपाल के विश्वविख्यात पर्वतारोही निर्मल 'निम्स' पुरजा की स्थिति को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में उनके हिमस्खलन में मारे जाने का दावा किया जा रहा है, जबकि अन्य स्रोत उनके लापता होने की बात कह रहे हैं। पुरजा ने मात्र छह महीनों में सभी 14 आठ-हजार मीटर की चोटियों पर चढ़ाई कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था और वे 'निम्सदाई प्रोजेक्ट' के संस्थापक भी थे। उनके संभावित निधन की खबर ने वैश्विक पर्वतारोहण समुदाय में शोक की लहर दौड़ा दी है। पाकिस्तानी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खराब मौसम के कारण तलाशी अभियान में बाधा आ रही है। इस त्रासदी ने एक बार फिर उच्च हिमालयी चोटियों पर पर्वतारोहण के खतरों को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण हिमस्खलन की घटनाएं अधिक अप्रत्याशित और घातक होती जा रही हैं। पाकिस्तान के पर्यटन विभाग ने भविष्य के अभियानों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त बनाने की बात कही है। मृतकों के परिजनों को शव सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसमें राजनयिक माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है। इस हृदयविदारक घटना ने पर्वतारोहण के रोमांच के साथ-साथ उससे जुड़े जोखिमों की याद दिला दी है। ब्रॉड पीक, जिसे स्थानीय भाषा में 'फालचेन कांगड़ी' कहा जाता है, अपनी खूबसूरती के साथ-साथ घातक मौसम के लिए भी कुख्यात है। अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण संघों ने इस घटना की गहन जांच की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके। पर्वतारोहण जगत ने अपने तीन बहादुर सितारों को खो दिया है, जिनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।