जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों ने एक बार फिर प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाते हुए कायराना हमला किया है। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम स्थित एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे दो गैर-स्थानीय मजदूरों पर आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना शनिवार शाम की बताई जा रही है, जब मजदूर अपने दैनिक कार्य में व्यस्त थे। मृतक की पहचान बिहार निवासी के रूप में हुई है, जबकि घायल मजदूर को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुलगाम के चावलगाम इलाके में स्थित एक ईंट भट्ठे पर यह हमला उस समय हुआ जब मजदूर अपनी शिफ्ट पूरी करने की तैयारी कर रहे थे। आतंकवादी अचानक वहां पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के गोलियां चलाना शुरू कर दिया। घटना के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सुरक्षाबलों ने मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और आतंकियों की तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पुलिस महानिदेशक ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि यह एक लक्षित हमला है जिसका मकसद घाटी में शांति भंग करना और बाहरी मजदूरों में दहशत फैलाना है। पिछले कुछ महीनों में जम्मू-कश्मीर में प्रवासी मजदूरों पर इस तरह के हमलों में तेजी आई है। आतंकी संगठन विशेष रूप से गैर-स्थानीय श्रमिकों को निशाना बना रहे हैं, ताकि घाटी के निर्माण क्षेत्र और कृषि अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया जा सके। इस साल की शुरुआत से अब तक आधा दर्जन से अधिक ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं जिनमें बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के मजदूर मारे गए हैं। प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों को प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं, साथ ही निर्माण स्थलों और औद्योगिक इकाइयों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस हमले की विभिन्न राजनीतिक दलों और नागरिक समाज संगठनों ने कड़ी निंदा की है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आतंक के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, घायल मजदूर के बेहतर इलाज के लिए प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षाबलों को आतंकवाद रोधी अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। कुलगाम की इस घटना ने एक बार फिर घाटी में सुरक्षा चुनौतियों को उजागर किया है। जहां एक ओर सुरक्षाबल आतंकवाद की कमर तोड़ने में लगे हैं, वहीं आतंकी संगठन निहत्थे मजदूरों को निशाना बनाकर अपनी हताशा जाहिर कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस कायराना कृत्य की भर्त्सना करते हुए कहा कि कश्मीर की रवायत मेहमाननवाजी और भाईचारे की रही है, जिसे आतंकी ताकतें नष्ट करना चाहती हैं। प्रशासन को अब प्रवासी श्रमिकों के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाने और उनकी रोजी-रोटी की गारंटी देने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि विकास की गति बाधित न हो।