बिहार के जहानाबाद जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी भाभी का सिर केवल इसलिए काट दिया क्योंकि उसने खाना परोसने में कथित तौर पर देरी कर दी थी। इतना ही नहीं, आरोपी ने महिला का कटा हुआ सिर गांव के बाहर एक बरगद के पेड़ से लटका दिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत और सनसनी फैल गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी देवर को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। यह घटना मानवीय संवेदनहीनता की पराकाष्ठा को दर्शाती है और घरेलू हिंसा के भयावह चेहरे को उजागर करती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना जहानाबाद के एक ग्रामीण इलाके में घटी। आरोपी और मृतका के बीच खाना परोसने को लेकर मामूली कहासुनी हुई थी, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। आरोपी ने आवेश में आकर धारदार हथियार से अपनी भाभी का सिर धड़ से अलग कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद उसने सिर को गांव के बाहर स्थित एक बरगद के पेड़ से लटका दिया, ताकि लोगों में दहशत पैदा हो सके। ग्रामीणों ने जब सुबह यह भयावह दृश्य देखा, तो उनके होश उड़ गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आरोपी को उसके घर से ही गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि खाना देर से मिलने पर उसे गुस्सा आ गया था और उसने आवेश में आकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में स्तब्ध कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी और मृतका के बीच पहले भी छोटे-मोटे झगड़े होते रहते थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि बात इतनी बढ़ जाएगी। मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने आरोपी के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना को घरेलू हिंसा का विकृत रूप बताते हुए समाज में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के लिए अनुशंसा की जाएगी, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके। साथ ही, ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं और कानून को अपना काम करने दें। यह घटना एक बार फिर हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि मामूली घरेलू विवाद किस तरह खौफनाक अपराध का रूप ले सकते हैं। समाज को ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संवेदनशीलता और सतर्कता बरतने की जरूरत है।