जापान के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में गुरुवार को आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। भूकंप का केंद्र क्यूशू द्वीप के निकट समुद्र में स्थित था, जिसके झटके पूरे क्षेत्र में महसूस किए गए। इस प्राकृतिक आपदा के कारण एक शॉपिंग मॉल में भीषण विस्फोट हुआ, जिससे कई लोगों की मौत हो गई और दर्जनों अन्य मलबे में फंस गए। मौसम विभाग ने सुनामी की चेतावनी जारी करते हुए तटीय इलाकों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया है। भूकंप के तुरंत बाद एक बड़े शॉपिंग मॉल में गैस रिसाव के कारण विस्फोट हुआ, जिससे इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट के समय मॉल में सैकड़ों खरीदार मौजूद थे। बचाव दल मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए रात-दिन लगे हुए हैं। अब तक कम से कम 12 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि 30 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। एक अन्य घटना में, भूकंप के झटकों से एक पेपर फैक्ट्री की चिमनी ढह गई, जिससे कई मजदूर मलबे में दब गए। फैक्ट्री प्रबंधन के अनुसार, घटना के समय लगभग 50 कर्मचारी अंदर काम कर रहे थे। दमकल विभाग और स्वयंसेवी संगठन मिलकर राहत कार्य चला रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आपात बैठक बुलाकर राहत कार्यों की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। भूकंप के बाद 20 से अधिक आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए हैं, जिनमें से कुछ 5.0 से अधिक तीव्रता के थे। इसके चलते बचाव कार्य में बाधा आ रही है। बिजली आपूर्ति ठप होने और सड़कों के टूटने से प्रभावित इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। सरकार ने सेना को राहत कार्यों में सहायता के लिए तैनात किया है। अस्थायी आश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं जहां विस्थापित लोगों को भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। जापान भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है और यहां नियमित रूप से भूकंप आते रहते हैं। लेकिन इस बार की तीव्रता और उससे हुई क्षति चिंताजनक है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में और आफ्टरशॉक्स आ सकते हैं। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी जापान को हरसंभव सहायता देने की पेशकश की है।