📰 Kotputli News
Breaking News: संसद में गतिरोध खत्म: विपक्ष ने पेपर लीक रोधी विधेयक पर चर्चा के लिए दी सहमति, आज होगी बहस
🕒 1 hour ago

संसद के मानसून सत्र के सातवें दिन लंबे चले आ रहे गतिरोध के समाप्त होने के आसार नजर आ रहे हैं। विपक्षी दलों ने लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, जिसे आम बोलचाल में पेपर लीक रोधी विधेयक कहा जाता है, पर चर्चा के लिए सहमति दे दी है। इससे पहले NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों पर कथित बल प्रयोग के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही थी। सरकार और विपक्ष के बीच पर्दे के पीछे चली बातचीत के बाद यह सफलता मिली है, जिसके तहत आज दोपहर दो बजे लोकसभा में इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा शुरू होने की संभावना है। गतिरोध का मुख्य कारण NEET-UG परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों को लेकर विपक्ष का आक्रामक रुख था। विपक्षी सांसद गृह मंत्री अमित शाह के बयान और जांच की मांग को लेकर अड़े हुए थे। इस दौरान कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि NEET विरोधी प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप लगाकर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। राज्यसभा में भी NEET मुद्दे पर भारी हंगामे के चलते सदन को बुधवार तक के लिए स्थगित करना पड़ा था। हालांकि, अब विपक्ष का रुख नरम पड़ता दिख रहा है और वह विधायी कार्य में भाग लेने को तैयार हो गया है। सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक देश की परीक्षा प्रणाली की पवित्रता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस विधेयक में पेपर लीक, नकल और अन्य अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। इसमें संगठित अपराध के रूप में पेपर लीक कराने वाले गिरोहों की संपत्ति जब्त करने का भी प्रावधान शामिल है। सरकार का तर्क है कि यह कानून युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर नकेल कसेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। आज होने वाली चर्चा पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं। विपक्ष जहां इस विधेयक को और सख्त बनाने तथा NEET मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठा सकता है, वहीं सरकार इसे छात्र हित में ऐतिहासिक कदम बताकर अपनी उपलब्धि गिनाएगी। संसदीय कार्य मंत्री ने सभी दलों से सदन की गरिमा बनाए रखते हुए सार्थक चर्चा की अपील की है। यदि चर्चा सुचारू रूप से चलती है तो इसी सत्र में इस विधेयक के पारित होने का रास्ता साफ हो जाएगा, जो परीक्षा सुधारों की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। कुल मिलाकर संसद में बना गतिरोध टूटना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है। पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या पर कानून बनाना समय की मांग थी, लेकिन NEET जैसे संवेदनशील मुद्दे पर छात्रों की चिंताओं का समाधान भी उतना ही जरूरी है। उम्मीद है कि आज की चर्चा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी और एक मजबूत कानून अस्तित्व में आएगा जो देश के करोड़ों युवाओं के सपनों की रक्षा करेगा।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 28 Jul 2026