सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) ने केंद्र सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो संगठन को फिर से सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। सीजेपी ने बिहार और पश्चिम बंगाल में छात्रों की गिरफ्तारी और उनके उत्पीड़न पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट किया कि पूर्व में दिए गए आश्वासनों का पालन नहीं होने पर कानूनी कदम उठाने के साथ-साथ जनआंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। सीजेपी के अनुसार, हाल के महीनों में विभिन्न राज्यों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं। बिहार और बंगाल में कई छात्रों को बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के हिरासत में लिया गया और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। संगठन ने सरकार को एक समयसीमा देते हुए सभी एफआईआर रद्द करने और हिरासत में लिए गए लोगों को तुरंत रिहा करने की मांग की है। सीजेपी ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मुद्दे पर सीजेपी ने केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारों को भी आड़े हाथों लिया है। संगठन का कहना है कि संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की आजादी और शांतिपूर्ण सभा करने के अधिकार को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। सीजेपी ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर मांगें नहीं मानी गईं तो देशव्यापी स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। साथ ही अदालत का दरवाजा खटखटाकर न्याय की गुहार लगाई जाएगी। मानवाधिकार संगठनों और नागरिक समाज के कई समूहों ने सीजेपी की इस मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि छात्रों और युवाओं की आवाज दबाने के लिए कानून का दुरुपयोग लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है। विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र संगठनों ने भी एकजुटता दिखाते हुए सरकार से मुकदमे वापस लेने की अपील की है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को संसद में उठाने की मांग भी की है। अब गेंद सरकार के पाले में है। सीजेपी की चेतावनी और जनसमर्थन को देखते हुए सरकार के लिए यह परीक्षा की घड़ी है। यदि सरकार समय रहते सकारात्मक कदम नहीं उठाती है तो देश में एक बार फिर बड़े पैमाने पर आंदोलन की जमीन तैयार हो सकती है। नागरिक समाज की उम्मीद है कि सरकार संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेकर न्याय का मार्ग प्रशस्त करेगी।