संसद के मानसून सत्र के छठे दिन लोकसभा में भारी हंगामे के बीच केंद्र सरकार ने पेपर लीक रोधी संशोधन विधेयक पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं पर सख्ती से लगाम लगाना है। विधेयक में दोषियों के लिए कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, विपक्ष ने इस विधेयक को जल्दबाजी में लाया गया बताते हुए इस पर विस्तृत चर्चा की मांग की। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों पर नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते स्पीकर को सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सदन के बाहर मीडिया से बातचीत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोला। उन्होंने हाल ही में सीजेपी मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सरकार को घेरा। राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए छात्रों और युवाओं की आवाज को बलपूर्वक दबा रही है। उन्होंने गृह मंत्री से इस मामले पर संसद में बयान देने और माफी मांगने की मांग की। कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस बर्बरता के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्षी दलों ने एनईईटी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और वाम दलों के सांसदों ने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि जुलाई माह में हुए प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों ने अत्यधिक बल प्रयोग किया, जिसमें कई छात्र घायल हुए। सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए थे। उन्होंने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। पेपर लीक रोधी विधेयक पर चर्चा के दौरान सरकार ने दावा किया कि यह विधेयक युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। विधेयक में संगठित गिरोहों द्वारा परीक्षा प्रणाली को ध्वस्त करने वालों के लिए उम्रकैद तक की सजा और करोड़ों रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। विपक्ष ने हालांकि विधेयक के कुछ प्रावधानों पर चिंता जताते हुए इसे संसद की स्थायी समिति को भेजने की मांग की। हंगामे के बीच सरकार ने विधेयक को पारित कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सत्र के छठे दिन की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे और सरकार के विधायी कार्यों के बीच तनावपूर्ण रही। जहां एक ओर सरकार भ्रष्टाचार मुक्त परीक्षा प्रणाली के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रही है, वहीं विपक्ष नागरिक अधिकारों और पुलिस ज्यादती के मुद्दे पर सरकार को घेरने में लगा है। आने वाले दिनों में पेपर लीक विधेयक पर विस्तृत चर्चा और विपक्ष के आरोपों पर सरकार के जवाब से संसद का माहौल तय होगा। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं, जिससे सदन की उत्पादकता प्रभावित हो रही है।