किसी की आंखों की रोशनी लौटाना उसके जीवन को दोबारा खुशियों और अनंत संभावनाओं से भरने के समान है। जयपुर के महादेवपुरा निवासी शिव शंकर प्रजापति इसी महान संकल्प के साथ पिछले 25 साल से निरंतर समाजसेवा के कार्य में जुटे हुए हैं। उनका यह सेवा कार्य उन आर्थिक रूप से कमजोर और उपेक्षित लोगों के जीवन में उजाला बिखेर रहा है, जो संसाधनों के अभाव में अपनी दृष्टि खोने की कगार पर होते हैं।
इस उल्लेखनीय यात्रा की पृष्ठभूमि ग्रामीण और गरीब समुदायों के सामने आने वाली स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौतियों से जुड़ी है। जयपुर के आसपास के ग्रामीण इलाकों में आज भी कई लोग पैसों की कमी, अस्पताल तक पहुंचने के लिए परिवहन के साधनों के अभाव और तीमारदार की अनुपस्थिति के कारण समय पर इलाज नहीं करवा पाते हैं। इन तमाम बाधाओं ने वर्षों से जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सेवाओं से दूर रखा है।
इन गंभीर समस्याओं और बाधाओं को जड़ से दूर करने के लिए शिव शंकर प्रजापति ने मरीजों के लिए विशेष नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित करने की अनूठी पहल शुरू की। उनके इस अथक सेवा कार्य के ठोस परिणाम सामने आए हैं, जिसके तहत अब तक 1,000 से अधिक सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन संपन्न हो चुके हैं। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि उनकी यह पहल कितनी बड़े पैमाने पर जरूरतमंदों तक पहुंच रही है।
शिव शंकर द्वारा संचालित इन चिकित्सा शिविरों की रूपरेखा बहुत ही सुनियोजित होती है, जिससे मरीजों और उनके परिवारों पर किसी भी प्रकार का आर्थिक या मानसिक दबाव न आए। ग्रामीण इलाकों के मरीजों के लिए अस्पताल तक पहुंचने की परेशानी को दूर करने के वास्ते वे मरीजों को विशेष रूप से एंबुलेंस के जरिए अस्पताल तक सुरक्षित लाने और ले जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करते हैं।
इस संपूर्ण स्वास्थ्य सेवा अभियान के दायरे में केवल शल्य चिकित्सा ही नहीं, बल्कि मरीजों की अन्य सभी जरूरतों का भी बारीकी से ध्यान रखा जाता है। मरीजों को ऑपरेशन के बाद आवश्यक दवाइयां, दृष्टि सुधारक चश्मे, भरपेट पौष्टिक भोजन और अस्पताल में ठहरने की सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है, जिससे उन्हें किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
शिव शंकर प्रजापति के इस सेवा कार्य की सबसे खास और मानवीय विशेषता यह है कि वे अस्पताल में मरीजों के भर्ती रहने के दौरान उनके परिवार के एक सदस्य की तरह खुद देखभाल करते हैं। बिना किसी अपनेपन के अभाव का अहसास कराए, वे मरीजों के पास रहकर उनकी हरसंभव सहायता करते हैं, जो उनके उच्च मानवीय मूल्यों और समाज के प्रति अटूट समर्पण को दर्शाता है।
पिछले 25 वर्षों से चल रहा यह प्रेरणादायी सफर आज जयपुर और आसपास के संपूर्ण क्षेत्र के लिए सामाजिक उत्थान का एक जीवंत उदाहरण बन चुका है। जनहित में किए जा रहे ऐसे प्रयास न केवल जरूरतमंदों को एक बेहतर और रोशन जीवन प्रदान कर रहे हैं, बल्कि पूरे समाज को आपसी सहयोग और परोपकार की राह पर चलने के लिए निरंतर प्रेरित कर रहे हैं।