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Breaking News: लाल सागर में भारतीय जहाज पर हमला: यमन तट के पास मालवाहक पोत डूबा, सभी 14 भारतीय नाविक सुरक्षित बचाए गए
🕒 1 hour ago

लाल सागर में यमन के तट के पास एक भारतीय झंडे वाले मालवाहक जहाज पर हुए भीषण हमले के बाद वह डूब गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और नौवहन की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है। घटना के तुरंत बाद भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जहाज पर सवार सभी 14 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया है, जो एक बड़ी राहत की बात है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मालवाहक पोत लाल सागर से गुजर रहा था जब यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा कथित रूप से दागे गए एक प्रोजेक्टाइल ने इस पर हमला कर दिया। हमले के बाद जहाज में आग लग गई और वह धीरे-धीरे डूबने लगा। संकट की घड़ी में भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस कोलकाता और अन्य पोतों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया। सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकालकर जिबूती ले जाया गया है, जहां उनकी चिकित्सकीय जांच की जा रही है। किसी भी नाविक के हताहत होने की खबर नहीं है। भारत सरकार ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लाल सागर क्षेत्र में व्याप्त तनाव को कम करने और व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत नौवहन की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में निर्बाध वाणिज्य के अधिकार का दृढ़ता से समर्थन करता है। इस हमले ने एक बार फिर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर व्यावसायिक जहाजों की भेद्यता को उजागर कर दिया है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पिछले कुछ महीनों से लाल सागर और अदन की खाड़ी में हूती विद्रोहियों द्वारा व्यावसायिक जहाजों पर हमलों की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसके कारण कई प्रमुख शिपिंग कंपनियों को अपने मार्ग बदलने पड़े हैं। इससे वैश्विक व्यापार लागत में भारी वृद्धि हुई है और आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है। भारतीय नौसेना इस क्षेत्र में 'ऑपरेशन संकल्प' के तहत लगातार गश्त कर रही है और अब तक कई जहाजों को सुरक्षा प्रदान कर चुकी है। इस ताजा घटना ने क्षेत्र में भारतीय नौसेना की उपस्थिति और सतर्कता की आवश्यकता को और अधिक रेखांकित किया है। निष्कर्ष के तौर पर, इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता को सामने ला दिया है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और वार्ता के माध्यम से विवाद सुलझाने का आग्रह किया है। भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सरकार की प्राथमिकता और भारतीय नौसेना की व्यावसायिक दक्षता का प्रमाण है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करना समय की मांग है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 05 Aug 2026