झारखंड में JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच ने मंगलवार को नया मोड़ लिया जब राज्य CID ने पूरे प्रदेश में 18 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई JPSC की संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के आरोपों के सिलसिले में की गई है। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, छापेमारी रांची, धनबाद, जमशेदपुर समेत कई जिलों में संदिग्धों के आवास और कार्यालयों पर की गई। इस दौरान बड़ी मात्रा में दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी जब्त किए गए हैं। CID के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है और कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। इस मामले में सबसे बड़ी कार्रवाई JPSC के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ चौधरी खियांगटे के खिलाफ हुई है। CID की विशेष टीम ने उनसे लगभग सात घंटे तक गहन पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ का केंद्र परीक्षा प्रक्रिया में उनकी भूमिका, पेपर सेटिंग और परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया में कथित हस्तक्षेप पर रहा। खियांगटे ने हालांकि सभी आरोपों को निराधार बताया है, लेकिन जांच एजेंसी उनके बयानों का मिलान जब्त दस्तावेजों और अन्य गवाहों के बयानों से कर रही है। इस पूछताछ को घोटाले की तह तक पहुंचने के लिए अहम माना जा रहा है। जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार किए गए एक आरोपी सरकारी कर्मचारी को प्रतियोगी परीक्षाओं का 'मास्टरमाइंड' बताया जा रहा है। CID के अनुसार, यह आरोपी पूर्व में BARC (भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र) और CRPF (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) जैसी कठिन परीक्षाओं को उत्तीर्ण कर चुका है। इस तथ्य ने जांचकर्ताओं को यह आशंका जताने पर मजबूर किया है कि आरोपी ने अपने ज्ञान और संपर्कों का इस्तेमाल कर JPSC परीक्षा की गोपनीयता भंग की होगी। उसके बैंक खातों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की जा रही है। इस बीच, JPSC अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। राजधानी रांची समेत विभिन्न जिलों में छात्र संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और दोषियों पर कठोर कार्रवाई के साथ-साथ परीक्षा रद्द कर नए सिरे से आयोजित करने की मांग कर रहे हैं। दिलचस्प घटनाक्रम में 'कॉकरोच जनता पार्टी' नामक एक स्थानीय राजनीतिक दल ने खुलकर छात्र आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। इस राजनीतिक समर्थन से आंदोलन के और व्यापक होने के आसार हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूरे प्रकरण पर निष्पक्ष और समयबद्ध जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो। विपक्षी दल भाजपा ने हालांकि सरकार पर जांच में देरी और लीपापोती का आरोप लगाते हुए CBI जांच की मांग की है। JPSC घोटाले ने झारखंड की राजनीति को गरमा दिया है और आने वाले दिनों में यह एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। CID की ताबड़तोड़ कार्रवाई से इतना तो स्पष्ट है कि परतें खुल रही हैं, लेकिन अंतिम नतीजा क्या होगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।