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Breaking News: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का युवा संवाद: 2000 छात्रों से मुखातिब, सियासी हलचल तेज
🕒 1 hour ago

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत आगामी 6 अगस्त को मुंबई के अंबानी सेंटर में एक अनूठे आयोजन में हिस्सा लेंगे, जहां वे जेन जेड और जेन अल्फा पीढ़ी के लगभग दो हजार छात्रों से सीधा संवाद करेंगे। संघ की ओर से आयोजित यह 'युवा संवाद' कार्यक्रम नई पीढ़ी तक अपनी विचारधारा पहुंचाने और उनके सवालों का जवाब देने की एक रणनीतिक पहल मानी जा रही है। इस आयोजन की पृष्ठभूमि में हालिया सीजेपी विरोध प्रदर्शनों को भी एक अहम वजह बताया जा रहा है, जिसके बाद संघ ने युवाओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है। इस कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से स्कूल और कॉलेज के छात्रों का चयन किया गया है, जो संघ की शाखाओं से सीधे नहीं जुड़े हैं। सरसंघचालक भागवत इन युवाओं के साथ राष्ट्रवाद, संस्कृति, सामाजिक समरसता और भविष्य की चुनौतियों जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा करेंगे। सूत्रों के अनुसार, संघ इस पीढ़ी की भाषा और उनकी चिंताओं को समझने के लिए इस संवाद को एक सेतु के रूप में देख रहा है। अंबानी सेंटर जैसे प्रतिष्ठित स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, इस आयोजन पर सियासत भी गरमा गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे ने मोहन भागवत के इस 'जेन जेड आउटरीच' पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया है कि जब युवाओं पर लाठियां बरसाई जा रही थीं, तब संघ प्रमुख कहां थे? आदित्य ठाकरे का इशारा हाल के दिनों में छात्र आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई की ओर था। उनके इस बयान ने महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है और विपक्षी दलों को संघ की इस कवायद पर सवाल खड़े करने का मौका दे दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संघ का यह कदम आगामी चुनावों और लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा है। नई पीढ़ी सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बेहद सक्रिय है और उनके वैचारिक झुकाव को प्रभावित करना किसी भी संगठन के लिए अहम हो गया है। संघ लंबे समय से 'बाल्यकाल से ही संस्कार' की नीति पर चलता आया है, लेकिन पहली बार इतने बड़े पैमाने पर गैर-शाखा जाने वाले युवाओं को सीधे सरसंघचालक से जोड़ने का प्रयोग किया जा रहा है। निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि मोहन भागवत का यह संवाद संघ की कार्यशैली में आए एक बड़े बदलाव का संकेत है। जहां एक ओर विपक्ष इसे चुनावी स्टंट बता रहा है, वहीं संघ समर्थक इसे राष्ट्र निर्माण के लिए युवा शक्ति को जागृत करने का सच्चा प्रयास मान रहे हैं। 6 अगस्त को होने वाला यह आयोजन न सिर्फ मुंबई बल्कि पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचेगा और इसके नतीजे भविष्य में संघ की युवा नीति की दिशा तय करेंगे।

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✍️ By Pradeep Yadav | 03 Aug 2026