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Breaking News: ई20 पेट्रोल से माइलेज में 2-6% की कमी संभव, गडकरी ने दी जानकारी; सरकार ने किया सुरक्षा का दावा
🕒 48 minutes ago

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बयान में कहा कि 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई20) के उपयोग से वाहनों की ईंधन दक्षता में 2 से 6 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। यह जानकारी उन्होंने संसद में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। गडकरी ने स्पष्ट किया कि इथेनॉल की ऊर्जा सामग्री पेट्रोल से कम होती है, जिसके कारण प्रति लीटर ऊर्जा उत्पादन घटता है और इसी वजह से माइलेज पर असर पड़ता है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह कमी वाहन के प्रकार, इंजन की स्थिति और ड्राइविंग परिस्थितियों पर निर्भर करती है। सरकार ने ई20 ईंधन को लेकर फैल रही विभिन्न भ्रांतियों को दूर करने के लिए सात प्रमुख दावों का खंडन किया है। इनमें इंजन को नुकसान, वारंटी समाप्त होना, प्रदूषण बढ़ना और रखरखाव खर्च बढ़ने जैसे दावे शामिल हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कई प्रयोगशाला अध्ययनों और क्षेत्रीय परीक्षणों में पुष्टि हुई है कि ई20 ईंधन बीएस-6 मानक वाले वाहनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। सरकार ने 2025 तक पूरे देश में ई20 की उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है, जिससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी और किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। वहीं, विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का प्रयास किया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि 'साइकिल ई20 से मुक्त है', जिसका आशय आम आदमी की जेब पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ की ओर इशारा करना था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना पर्याप्त बुनियादी ढांचे के ई20 को थोप रही है, जिससे पुराने वाहन मालिकों को परेशानी होगी। इस पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पुराने वाहनों, विशेषकर बीएस-3 मानक वाले वाहनों के रबर पार्ट्स और सील्स को ई20 के अनुकूल बनाने के लिए बदलने की आवश्यकता हो सकती है, जिसके लिए निर्माता दिशानिर्देश जारी कर रहे हैं। ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि ई20 की ओर संक्रमण एक दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन कम करना और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हालांकि, अल्पावधि में उपभोक्ताओं को माइलेज में मामूली गिरावट और पुराने वाहनों में संभावित रखरखाव खर्च के लिए तैयार रहना चाहिए। सरकार ने वाहन निर्माताओं से ई20 अनुकूल इंजन विकसित करने और उपभोक्ताओं को उचित जानकारी प्रदान करने का आग्रह किया है। निष्कर्षतः, ई20 पेट्रोल देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण प्रतिबद्धताओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। माइलेज में मामूली कमी के बावजूद, इसके दीर्घकालिक लाभ - जैसे कम आयात बिल, किसानों की आय में वृद्धि और स्वच्छ हवा - इसे एक आवश्यक परिवर्तन बनाते हैं। उपभोक्ताओं को जागरूक रहने, अपने वाहन निर्माता के दिशानिर्देशों का पालन करने और नियमित रखरखाव कराने की सलाह दी जाती है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 30 Jul 2026