अमेरिकी सेना ने शनिवार को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के दर्जनों ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिससे पश्चिम एशिया में पहले से चल रहा तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। पेंटागन के अधिकारियों के अनुसार, ये हमले ईरान द्वारा मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी बलों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से किए गए हमलों के जवाब में किए गए हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग ने इसे 'आत्मरक्षा में की गई निर्णायक कार्रवाई' बताया है, जबकि ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता का घोर उल्लंघन करार दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमेरिकी लड़ाकू विमानों और ड्रोनों ने ईरान के कई प्रांतों में स्थित IRGC के मिसाइल लॉन्च साइट्स, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, रडार इंस्टॉलेशन और हथियार भंडारण सुविधाओं को निशाना बनाया। पेंटागन के प्रवक्ता मेजर जनरल पैट्रिक राइडर ने एक बयान में कहा कि हमले 'सटीक और आनुपातिक' थे, जिनका उद्देश्य ईरान की आक्रामक क्षमताओं को कम करना और अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने दावा किया कि प्रारंभिक आकलन के अनुसार सभी निर्धारित लक्ष्य सफलतापूर्वक नष्ट हो गए हैं। ईरान की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए, सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय ने एक बयान जारी कर अमेरिकी हमलों को 'युद्ध अपराध' बताया और 'कठोर प्रतिशोध' की चेतावनी दी। IRGC के कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल होसैन सलामी ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि ईरान अपनी रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगा। तेहरान में आपातकालीन बैठकों का दौर जारी है, जबकि क्षेत्र में ईरान के सहयोगी समूहों - हिजबुल्लाह, हमास और हूती विद्रोहियों - को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय में इस ताजा सैन्य टकराव को लेकर गहरी चिंता है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी पक्षों से 'अधिकतम संयम' बरतने की अपील की है, जबकि रूस और चीन ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की है। यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख जोसेप बोरेल ने तनाव कम करने के लिए तत्काल कूटनीतिक प्रयासों का आह्वान किया है। तेल बाजारों में भी उथल-पुथल देखी जा रही है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की ओर बढ़ सकता है, जिसका असर पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई है, जबकि कांग्रेस के नेताओं को स्थिति से अवगत कराया जा रहा है। आने वाले दिन निर्णायक होंगे, जब ईरान की प्रतिक्रिया और अमेरिका की आगे की रणनीति स्पष्ट होगी। फिलहाल, क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल है और दुनिया सांस थामकर घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है।