📰 Kotputli News
Breaking News: सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार: युवा आंदोलन के बाद संसद में पेश हुआ कड़ा विधेयक, पेपर लीक पर लगेगी रोक
🕒 1 hour ago

देशभर में सार्वजनिक परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक की घटनाओं से आक्रोशित युवाओं के बड़े आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए निर्णायक कदम उठाया है। संसद के मानसून सत्र में लोकसभा में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक' पेश किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में संगठित अपराध, पेपर लीक और नकल के पूरे तंत्र पर कड़ा प्रहार करना है। इस विधेयक को युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोकने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। नए विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, परीक्षा पत्र लीक करने, नकल कराने वाले गिरोह संचालित करने या किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि में लिप्त पाए जाने पर दोषियों को दस वर्ष तक की सजा और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही, ऐसे अपराधों को संज्ञेय और गैर-जमानती बनाया गया है। सरकार ने केंद्रीय स्तर पर एक विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के गठन का भी प्रस्ताव रखा है, जो राज्यों के साथ समन्वय कर पेपर लीक के अंतरराज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त करेगा। विधेयक में ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने और परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को अनिवार्य किया गया है। हालांकि, विधेयक के एसटीएफ संबंधी प्रावधान पर शिक्षाविदों और कुछ राज्य सरकारों ने चिंता जताई है। उनका मानना है कि कानून-व्यवस्था राज्य का विषय होने के कारण केंद्रीय एजेंसी का सीधा हस्तक्षेप राज्यों के अधिकारों का अतिक्रमण है। तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों ने इस क्लॉज पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है कि इससे संघीय ढांचे को ठेस पहुंच सकती है। विपक्षी दलों ने भी मांग की है कि विधेयक को संसद की स्थायी समिति के पास भेजकर सभी हितधारकों से विस्तृत चर्चा कराई जाए, ताकि राज्यों की स्वायत्तता बनी रहे और कानून का दुरुपयोग न हो सके। सरकार का तर्क है कि पेपर लीक का अपराध अब अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय गिरोहों तक फैल चुका है, जिससे निपटने के लिए केंद्रीय समन्वय अनिवार्य हो गया है। पिछले वर्षों में एसएससी, यूपीएससी, रेलवे भर्ती बोर्ड और विभिन्न राज्य लोक सेवा आयोगों की परीक्षाओं में हुई धांधली ने लाखों अभ्यर्थियों के सपने तोड़े हैं। इस विधेयक के माध्यम से सरकार परीक्षा तंत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वास बहाल करना चाहती है। संसद में इस पर जारी बहस के बीच युवा संगठनों ने जल्द से जल्द इसे पारित कराने की मांग तेज कर दी है। निष्कर्षतः, यह विधेयक परीक्षा सुधार की दिशा में एक साहसिक पहल है, बशर्ते इसके क्रियान्वयन में संघीय भावना का सम्मान किया जाए। पेपर लीक के दानव को समाप्त करने के लिए केंद्रीय एजेंसी और राज्य पुलिस के बीच सहयोगात्मक ढांचा विकसित करना होगा। यदि यह कानून अपनी मूल भावना के साथ लागू होता है, तो यह करोड़ों युवाओं के लिए न्याय और समान अवसर के नए युग का सूत्रपात करेगा।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 28 Jul 2026