संसद के मानसून सत्र के सातवें दिन भी गतिरोध जारी रहा और लोकसभा तथा राज्यसभा दोनों को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। विपक्षी दलों ने NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भारी हंगामा किया। लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर चर्चा होनी थी, लेकिन विपक्ष के शोर-शराबे के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी तनातनी से संसदीय कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है। राज्यसभा में NEET मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन इतना तीव्र रहा कि सदन को बुधवार तक के लिए स्थगित करना पड़ा। विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह पर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए तीखे हमले किए। तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस, द्रमुक और अन्य दलों के सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करते रहे। सभापति के बार-बार अनुरोध के बावजूद हंगामा थमने का नाम नहीं लिया, जिससे सदन की कार्यवाही चलाना असंभव हो गया। इस बीच, एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में विपक्ष ने पेपर लीक रोधी विधेयक पर चर्चा के लिए सहमति जताई है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, संसद में जारी गतिरोध खत्म होने के आसार नजर आ रहे हैं। विपक्षी दल सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2024 पर आज चर्चा के लिए तैयार हो गए हैं। यह विधेयक परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े प्रावधान करता है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्रों पर कथित बर्बर कार्रवाई की निंदा करते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष पर संसद न चलने देने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। दोनों पक्षों के रुख में नरमी के संकेत मिलने से उम्मीद जगी है कि दोपहर बाद सदन में सार्थक चर्चा हो सकेगी। इस पूरे घटनाक्रम से संसद की कार्यवाही पर गहरा असर पड़ा है। कई महत्वपूर्ण विधेयक लंबित पड़े हैं और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही। विपक्ष की मांग है कि NEET विवाद पर प्रधानमंत्री स्वयं सदन में बयान दें और दोषियों पर कार्रवाई हो। सरकार का तर्क है कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और विधेयक के माध्यम से व्यवस्थागत सुधार किए जा रहे हैं। अब देखना होगा कि दोपहर दो बजे जब सदन फिर से बैठेगा तो क्या गतिरोध टूट पाता है या नहीं।