इज़राइल और यूएस के बीच तनाव के बीच, इरानी राष्ट्रपति और धार्मिक संस्थाओं ने अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की "एक गोली" की धमकी को कड़ी निंदा की। ट्रम्प ने हाल ही में कहा था कि वह दुनिया के प्रमुख नेताओं को एक ही गोली में मार सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखा विरोध हो रहा है। इरान ने इस बयान को "मानव जीवन तो नश्वर है, परन्तु विचार, आदर्श और सिद्धांत अमर होते हैं" कहकर जवाब दिया, और इस प्रकार की धमकी को आतंकवाद का एक नया रूप बताया। इरान के आध्यात्मिक नेता आयतुल्ला अली ख़ामेनेई की अंतिम यात्रा के दौरान इस मुद्दे को उठाने से जनता की नज़रें इस विवाद पर और अधिक टिकीं। इरान ने ट्रम्प की बात को न केवल व्यक्तिगत हमला माना, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय जीवनधारा के प्रति अनादर भी कहा। ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि "एक बुलंद आवाज़ से शहीद नहीं होते, बल्कि विचारों की शक्ति से विश्व बदलता है"। इस पर अमेरिकी राजनयिकों ने कहा कि उन्होंने इस टिप्पणी को असहमति से स्वीकृति नहीं दी, परन्तु फिर भी शब्दों का प्रयोग करने में उनका अधिकार है। फिर भी इरान ने स्पष्ट कर दिया कि वह ऐसे किसी भी धमकी को अस्वीकार करता है और इराक में भी अपने जमीनी स्तर के लोग और शहीदों की अधीनस्थ को झूठे शब्दों से निर्मित किया गया है। अली ख़ामेनेई की अंतिम यात्रा के दौरान इरानी जनता ने बड़े धूसर रंग में अरबों का समर्थन किया और इन बंधनों का खंडन किया। इस अवसर पर शाही दरबार में ख़ामेनेई के कदम पर उत्तरी शाखा से खेद सहशा अपने प्रीफरिंग सोगे बताबा पनीत। इस प्रक्रिया में इरानी सास्कर्न की साइड के साथ व्यक्तिगत अपर्ल है। इससे पहले इराने अंतर्जरपन में कतर पराबैंटिनस के पशुस्तर के पास, सितंबर की पुष्टि के साथ - इरानी लोगों। निष्कर्ष स्वरूप, ट्रम्प की "एक गोली" वाली धमकी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक नया विवाद उत्पन्न किया और इरान ने इसको साहसिक रूप में नहीं माना। इरानी आध्यात्मिक संस्थानों ने स्पष्ट किया कि मानव की मौत किसी को भी गिरा सकती है, परन्तु आदर्शों का निरंतर अस्तित्व अडिग है। इस प्रकार, इन तीव्र बहसों के बीच इरान ने अपने विश्वासों और राष्ट्रीय अभिमान को दृढ़ता से बचाया, यह साबित किया कि विचारों की शक्ति में कोई भी गोली नहीं मार सकती।