राम मंदिर के निर्माण के लिये जमा किए गए दान में हुई चोरी ने पूरे हिन्दू समुदाय में गहरा शोक उत्पन्न किया है। इस घटनाक्रम को लेकर राष्ट्रवादी संघ (RSS) ने शीघ्र ही एकत्रित रूप से अपने विचार प्रकट किए हैं। उन्होंने कहा कि दान की चोरी केवल एक व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि सम्पूर्ण हिन्दू संस्कृति और धर्म के प्रति अनादर का कार्य है। इस संबंध में RSS के महाविचार नेता दत्तात्रेय होसाबले ने कहा कि इस दुष्कर्य को रोकने के लिये सभी स्तरों पर कठोर कदम उठाए जाने चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने हिंदू एकता को पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस प्रकार की घटित घटनाओं से सम्पूर्ण भारत में हिंदू विश्वासियों का भरोसा क्षीण हो रहा है। दुर्भाग्यवश, दान की चोरी को लेकर कई राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गये हैं। राम मंदिर निर्माण के लिये स्थापित अयोध्या ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल उठाने के लिये राजस्थान के राष्ट्रवादी जनता दल (RJD) के सांसद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें ट्रस्ट के खातों का ऑडिट और सीबीआई द्वारा पूर्ण जांच की माँग की गई है। कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे को प्रधानमंत्री के सामने उठाने की मांग की है और विशेष जांच टीम (SIT) की कार्यवाही को पारदर्शी बनाने की पुकार की है। राष्ट्रीय स्तर पर यह मामला विभिन्न मीडिया प्रकाशनों में बड़े विस्तार से उजागर किया जा रहा है, जहाँ यह स्पष्ट किया गया है कि दान संग्रह की प्रक्रिया में कई असंगतियों और लापरवाहियों की ओर इशारा किया गया है। सबसे अधिक नज़र में हैं RSS की फिदा, जो इस घटना को ‘ऐंटी‑नेशनल फोर्सेज़’ के हाथों हिन्दु धर्म को बदनाम करने की साजिश के रूप में देख रहा है। इस पर RSS ने कहा कि यह प्रयास केवल हिन्दुओं के बीच घबराहट फेलाने के लिये है और इसके विरुद्ध सभी हिन्दुओं को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए। इस दिशा में उन्होंने सभी धार्मिक संगठनों, सामाजिक समूहों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधियों का विरोध करें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग करें। समाप्ति में कहा जा सकता है कि राम मंदिर दान चोरी ने न केवल आर्थिक नुकसान पहुँचाया है, बल्कि हिन्दू जनता के आत्मविश्वास को भी झकझोर दिया है। इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिये पारदर्शिता, जवाबदेही और कड़ी कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। RSS ने बार-बार कहा है कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को सख्त सजा मिलेगी और हिन्दू समुदाय की एकता को दृढ़ रखने के लिये सभी वर्गों को मिलकर इस लड़ाई में भाग लेना चाहिए। तभी इस प्रकार की अनैतिक घटनाओं को मूल कारणों से समाप्त किया जा सकेगा और राम मंदिर निर्माण की इस पावन यात्रा को दुर्गन्धित करने वाले तत्वों को हराया जा सकेगा।