राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने जब राष्ट्रपति पद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में "रूसी पक्ष से विशाल हमला" का इशारा किया, तो कई घंटे बाद ही यूक्रेन की राजधानी कीव में बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले देखे गए। अल जज़ीरा, सीएनबीसी, बीबीसी तथा सीएनएन सहित कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों ने इस हमले को कड़ाई से दर्ज किया। साक्षीदारों के बयानों के अनुसार, सुबह के शुरुआती पहर में आकाश में बड़ी संख्या में फँटे ड्रोन दिखाई दिए, जो एक के बाद एक लक्ष्य क्षेत्रों में घुटन मारते रहे। इस बीच, रूसी सैन्य ने बड़ी दूरी से प्रतिबंधित क्षेत्र में गंभीर क्षति पहुंचाने वाली रॉकी-ऐटक 9M72, इन्स्ट्रूमेंट-टाइप, तथा होसूडिया ड्रोनों का प्रयोग किया। कई इमारतों की छतें धधक उठीं, गगनचुंबी इमारतों के पास बड़े विस्फोट हुए और खिड़कियों के टुकड़े आसमान में बिखर गए। हमले के परिणामस्वरूप कम से कम पाँच नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि कई घर-बार को नुकसान पहुँचा। स्थानीय अस्पतालों में चोटिलों का स्तर बढ़ गया, और आपातकालीन सेवाओं को तुरंत मदद के लिए बुलाया गया। कीव के कई मुख्य मार्गों पर गड़बड़ी और ट्रैफ़िक जाम हो गया, क्योंकि लोग सुरक्षित क्षेत्रों की तलाश में इधर‑उधर भागे। लक्ष्यपरक प्रहार ने ऊर्जा आपूर्ति केंद्रों और अधिकारिक इमारतों को भी निशाना बनाया, जिससे शहर में व्यापक अंधेरा और जल आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हुई। इस हमले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने तीखा विरोध प्रकट किया। नाटो देशों ने तुरंत इस कार्रवाई को "अवमानना" और "असंवैधानिक" कहा, तथा यूक्रेन के तत्काल रक्षा समर्थन की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। पोलैंड ने अपने वायु क्षेत्र में अतिरिक्त लड़ाकू जेट तैनात कर सतर्कता बढ़ाई, जबकि फ़िनलैंड ने सीमित समय के लिए अपने आकाश को सीमित कर दिया, ताकि संभावित रूसी क्षेपणास्त्रों से बचा जा सके। यूएस और यूके के विदेश मंत्रियों ने यूक्रेन को मानवीय सहायता पहुँचाने की घोषणा की और रूस को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने पर गंभीर नतीजे झेलने की चेतावनी दी। रूसी पक्ष ने इस बहु-स्तरीय हमले को "समान्य प्रतिकार कार्रवाई" के रूप में प्रस्तुत किया और कहा कि यह यूक्रेन के निरंतर संक्रमणों और आयर्देशीय बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के उद्देश्य से किया गया था। फिर भी कई विश्लेषकों ने इस हमले को एशिया-उत्पादन की सीमित क्षमताओं के साथ समय-समय पर रॉकी के प्रयोग से बढ़ती तीव्रता के रूप में समझा। इस बीच, यूक्रेन के रक्षा दल ने उच्च तकनीकी एंटी‑ड्रोन सिस्टम और जमीनी रॉकी पकड़ते हुए प्रतिक्रिया दी, जिससे कई ड्रोन गिराए गए और कुछ मिसाइलों को विफल किया गया। निष्कर्षतः, जेलेंस्की की चेतावनी के बाद के इस विशाल रूसी हमले ने न केवल कीव की बुनियादी ढाँचा को ध्वस्त किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी गहरी छाप छोड़ी। इस हमले से उत्पन्न मानवीय संकट और ढहते बुनियादी ढाँचे को देखते हुए, आगामी दिनों में यूक्रेन को अतिरिक्त सैन्य एवं मानवीय सहायता की आवश्यकता स्पष्ट रूप से स्पष्ट हो गई है। साथ ही, इस प्रकार के उच्चस्तरीय हमलों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून एवं संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद को सख़्त कदम उठाने की मांग भी बढ़ रही है।