बेंगलुरु के प्रमुख आईटी कंपनी कैपजेमिनी ने अपने परिसर में स्थित क्रेच में दो छोटे बच्चों के शोषण के गंभीर आरोपों का सामना किया है। स्थानीय पुलिस ने इस मामले की तह तक पहुँचने के लिए तत्काल कदम उठाते हुए पाँच महिला कर्मचारियों—जिनमें दो नर्सियों और तीन देखभाल सहायक शामिल हैं—से पूछताछ शुरू कर दी है। यह आरोप तब सामने आया जब कई अभिभावकों ने अपने बच्चों के असामान्य व्यवहार और शारीरिक चोटों की शिकायतें दर्ज करवाईं, जिससे पूरी कंपनी के भीतर सुरक्षा और देखभाल के मानकों पर सवाल उठे। पुलिस ने FIR दर्ज कर कार्यवाही की शुरूआत की, जबकि कैपजेमिनी ने त्वरित रूप से डेकेयर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, यह कहते हुए कि बच्चों की भलाई और सुरक्षा सर्वोपरि है। जांच के दौरान, प्रमुख तथ्यों को उजागर किया गया कि कई बच्चों को मौखिक और शारीरिक दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। अभिभावकों के बयान के अनुसार, बच्चों को अक्सर बिना कारण चिल्लाया जाता था, उन्हें ज़बरदस्ती बंधे हुए स्थानों में रखा जाता था और कुछ मामलों में शारीरिक मारपीट की भी शिकायतों की पुष्टि हुई। इस संगीतमय माहौल ने बच्चों में डर, भय और भावनात्मक अस्थिरता को जन्म दिया, जिससे उनका शैक्षिक और सामाजिक विकास प्रभावित हो रहा था। पुलिस ने इन आरोपों को सत्यापित करने के लिए सर्वेक्षण, वीडियो फुटेज और बाल चिकित्सकों की राय ली है, तथा शारीरिक परीक्षण के बाद कुछ बच्चों में चोटों के निशान भी पाए गए। कैपजेमिनी की ओर से इस घटना पर गहरी दुःख व्यक्त करते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि कंपनी ने सदैव बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है और इस प्रकार की घटनाओं को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा। कंपनी ने सभी नीतियों की पुनरावृत्ति और नई सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने का वादा किया है, जिसमें कर्मचारियों की बारीकी से पृष्ठभूमि जांच, नियमित प्रशिक्षण और बाल सुरक्षा विशेषज्ञों की निगरानी शामिल होगी। साथ ही, उन्होंने प्रभावित परिवारों को मनोवैज्ञानिक समर्थन और स्वास्थ्य देखभाल की सुविधा प्रदान करने की घोषणा की है। स्थानीय सामाजिक संगठनों और बाल सुरक्षा कार्यकर्ताओं ने भी इस मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सरकार से आईटी पार्कों और कॉर्पोरेट संस्थानों में बाल देखभाल सुविधाओं के लिए कड़े नियम बनाने, नियमित निरीक्षण और सख्त दण्डात्मक उपायों की पुकार की है। इस दिशा में, बेंगलुरु पुलिस ने बताया कि वे इस केस को विशेष रूप से निपटाने के लिए एक विशेष टीम गठित कर रहे हैं, जिससे भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। अंततः, इस घटना ने कार्यस्थल में बाल देखभाल की चुनौतियों को उजागर किया है और यह सवाल उठाया है कि क्या कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं। बाल शोषण के इस गंभीर आरोप के बाद, बेंगलुरु में सभी डेकेयर सुविधाओं के पुनरावलोकन की संभावनाएँ बढ़ गई हैं, और यह आशा की जा रही है कि सख्त नियमों और सतत निगरानी से भविष्य में बच्चों को सुरक्षित माहौल प्रदान किया जा सके।