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Breaking News: प्रधानमंत्री मोदी ने इरान के सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार में नहीं दिया दौरा, बिहार के राज्यपाल और मार्घेरेटा मंत्री प्रतिनिधि के रूप में भेजे गए
🕒 2 hours ago

भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अहमद खामेनेई के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार में भाग नहीं लेने का फैसला किया है। पिछले कई वर्षों में मोदी ने इरान के नेताओं के साथ कई उच्च-स्तरीय मुलाकातें की हैं, परंतु इस बार व्यक्तिगत रूप से नहीं जा रहे हैं। इस निर्णय के पीछे कई कारणों को माना जा रहा है, जिनमें घरेलू मामलों की व्यस्तता, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की जटिलताओं और निकट भविष्य में भारत-इरान के संबंधों को संतुलित रखने का प्रयोजन शामिल है। भारत सरकार ने इस संवेदनशील अवसर पर प्रतिनिधि समूह का गठन करके इरान भेजा है। इस प्रतिनिधि मंडल में बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विष्णु द्वारा प्रतिनिधित्व किया जाएगा, साथ ही युवा विकास के राज्य मंत्री मार्घेरेटा की उपस्थिति होगी। राज्यपाल विष्णु ने विदेश मंत्रालय और विदेश मामलों के मंत्री से समन्वय करके इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक मिशन को तैयार किया है। मार्घेरेटा, जो विदेश मामलों के मंत्रालय में सहायक मंत्री के रूप में कार्यरत हैं, अपने व्यापक अनुभव के बल पर इरान के आधिकारिक प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित करेंगे और भारत-इरान के व्यापारिक एवं आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के प्रस्ताव रखेंगे। इरानी अधिकारियों ने भारत की इस प्रतिनिधि यात्रा का स्वागत किया है और दोनों देशों के परस्पर हितों को सुदृढ़ करने के लिए सकारात्मक माहौल की पुष्टि की है। इरान के विदेश मंत्रालय ने नोट किया कि भारत के प्रतिनिधि समूह की उपस्थिति इरानी-भारतीय संबंधों में उन्नति का संकेत है, और दोनों पक्षों ने आयतुल्ला खामेनेई के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही, इरान ने भारत को आर्थिक सहयोग, ऊर्जा क्षेत्र की साझेदारी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के मामलों में नई पहलें करने का प्रस्ताव रखा है, जो दोनों देशों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है। निष्कर्षतः, प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत अनुपस्थिति के बावजूद भारत ने इरान में एक सशक्त प्रतिनिधिमंडल भेज कर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में संतुलन बनाए रखने का लक्ष्य रखा है। यह कदम भारत-इरान संबंधों को स्थिर और विकसित रखने में सहायक सिद्ध होगा। समय के साथ यह देखा जाएगा कि इस प्रतिनिधि यात्रा के परिणामस्वरूप दोनों देशों के व्यापार, ऊर्जा सहयोग और सांस्कृतिक संवाद में किस प्रकार की प्रगति होगी, और क्या यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक सकारात्मक कदम बनेगा।

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✍️ By Pradeep Yadav | 29 Jun 2026