प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स की राष्ट्रीय सभा में अपने संबोधन में भारत-सेशेल्स संबंधों को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने भारत को सेशेल्स का "विश्वसनीय सहयोगी" कहकर दो देशों के बीच विकसित, स्थिर और पारस्परिक लाभ वाले साझेदारी की पुष्टि की। इस मंच पर मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों ने सतत विकास, जलवायु परिवर्तन, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है। भारत की सहायता से सेशेल्स को अपने पारिस्थितिक तंत्र की रक्षा, पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना और जलवायु अनुकूलन उपायों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण मदद मिल रही है। सेशेल्स में भारत के विदेश मिशन पर कई प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए गए। परदेशी भारतीय समाज के सदस्य, व्यापार प्रतिनिधि और सुरक्षा सलाहकारों के साथ विचार-विमर्श के दौरान मोदी ने भारत की तकनीकी क्षमता, विशेषकर समुद्री निगरानी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुरक्षा प्रणालियों और जलवायु विज्ञान में सहयोग को रेखांकित किया। इस यात्रा के दौरान भारत ने चार सैन्य सलाहकारों को असाइन किया, साथ ही दो नई गश्त नौकाओं और एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणाली को सेशेल्स के समुद्री सुरक्षा नेटवर्क में शामिल करने का प्रस्ताव रखा। इन कदमों से द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को नई दिशा मिली है और द्वीप राष्ट्र की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएँ भी बताई। उन्होंने कहा कि भारतीय एवं सेशेल्सी उद्यमियों के बीच सहयोग से नए निवेश अवसर पैदा होंगे, विशेषकर पर्यटन, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्रों में। इसके साथ ही उन्होंने सेशेल्स को एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी के लिए आमंत्रित किया, जिससे द्वीप राष्ट्र के लिए वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाना आसान होगा। मोदी ने कहा कि भारत का समर्थन हमेशा सेशेल्स की संप्रभुता और विकास के लक्ष्य के साथ संरेखित रहेगा। समाप्ति में, प्रधानमंत्री ने सेशेल्स के राष्ट्रपति और राष्ट्रीय सभा के सभी सदस्यों को धन्यवाद कहा और कहा कि भारत इस साझेदारी को मजबूत करने के लिए सभी आवश्यक साधन प्रदान करने को तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच लोक-जन संपर्क बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम, छात्रवृत्ति और तकनीकी प्रशिक्षण को सुदृढ़ किया जाएगा। इस तरह, भारत-सेशेल्स सहयोग का माहौल न सिर्फ दो देशों के बीच, बल्कि इंडो‑पैसिफिक क्षेत्र में शांति, समृद्धि और सुरक्षा की दिशा में एक प्रेरक शक्ति बनकर उभरेगा।