Kotputli News
राजनीति एवं प्रशासन

राजस्थान पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस नेतृत्व ने एकजुटता दिखाने का किया प्रयास

पार्टी के भीतर निरंतर चल रही गुटबाजी के बीच राजस्थान में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने आगामी महत्वपूर्ण पंचायत चुनावों से पहले एकजुट मोर्चा पेश करने के लिए जयपुर में बैठक की। इस रणनीतिक बैठक में अशोक गहलोत और सचिन पायलट जैसे प्रमुख चेहरे हल्के-फुल्के संवाद

K
Kotputli News प्रकाशित: 08 Oct 2026, 04:30 PM
⏱ 4 मिनट का समय • 👁 1,006 बार देखा गया
यह समाचार अंग्रेजी में भी उपलब्ध है: Read in English →
राजस्थान पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस नेतृत्व ने एकजुटता दिखाने का किया प्रयास
राजस्थान पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस नेतृत्व ने एकजुटता दिखाने का किया प्रयास फोटो आभार: News18 Rajasthan State Wire
समाचार सुनें

0:00 / ~4:00
शेयर करें: 2 शेयर
WhatsApp Facebook

राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों से पहले पार्टी के भीतर एकजुट मोर्चा पेश करने के प्रयास के तहत, हाल ही में जयपुर में कांग्रेस के लगभग बीस वरिष्ठ नेताओं की एक उच्च-स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस रणनीतिक बैठक में अशोक गहलोत, सचिन पायलट, गोविंद सिंह डोटासरा, सुखजिंदर सिंह रंधावा और टीकाराम जूली जैसे प्रमुख राजनीतिक चेहरे एक साथ नजर आए, जिसका उद्देश्य उन आंतरिक दरारों को पाटना था जिन्होंने लंबे समय से इस क्षेत्रीय इकाई को प्रभावित किया है।

राजस्थान में पार्टी का ऐतिहासिक संदर्भ निरंतर गुटबाजी से परिभाषित होता रहा है, विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच गहरी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता इसके केंद्र में रही है। यह बैठक इन गहरी आंतरिक दूरियों को पाटने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई, विशेष रूप से निकाय चुनावों में हालिया चुनावी असफलताओं के बाद, जहां पार्टी को झटके लगे थे और रणनीतियों पर सवाल उठे थे।

जयपुर में हुई इस बैठक के दौरान लगभग बीस प्रमुख नेताओं ने आगामी पंचायत चुनावों के लिए आवश्यक जमीनी तैयारियों और रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया। ग्रामीण स्तर पर अपनी गति वापस पाने, प्रचार प्रयासों को समन्वित करने और राज्य भर के विभिन्न प्रशासनिक खंडों में पिछले चुनावी घाटे से पार पाने के लिए पार्टी संगठन के लिए दांव पर बहुत कुछ लगा हुआ है।

इस पूरी बैठक का एक उल्लेखनीय आकर्षण अशोक और पायलट के बीच हुआ हल्का-फुल्का संवाद रहा, जो तुरंत पर्यवेक्षकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बन गया। जब गहलोत ने रंधावा को लेकर पायलट पर चुटकी ली, तो पायलट ने तुरंत जवाब देते हुए कहा कि गहलोत तो सभी के प्रभारी हैं, जिससे कूटनीतिक शिष्टाचार के साथ तनाव कम हुआ।

इस उच्च स्तरीय बैठक का क्षेत्रीय प्रभाव सीधे तौर पर कोटपुतली-बहरोड़ जैसे जिलों तक विस्तृत होता है, जहां स्थानीय पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामीण समुदाय शीर्ष नेतृत्व के बीच तालमेल पर कड़ी नजर रखते हैं। ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी कार्यकर्ताओं की सफलता राज्य स्तर पर एकजुट नेतृत्व पर निर्भर करती है ताकि जमीनी ऊर्जा को प्रभावी ढंग से प्रसारित किया जा सके।

औपचारिक चर्चा और डिनर कूटनीति के बाद, अशोक गहलोत ने आंतरिक कलह की लगातार चल रही अफवाहों को खारिज करने के लिए मीडिया के सामने आकर दृढ़ता से घोषणा की कि "जब सभी नेता साथ हैं, तो गुटबाजी कहां है?" एकजुटता का यह सार्वजनिक प्रदर्शन उस पहले के तनाव के बाद आया है जिसमें गहलोत ने निकाय चुनावों में हार को लेकर प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की रणनीति पर सवाल उठाए थे, और उस समय पायलट ने डोटासरा का बचाव किया था।

भविष्य की ओर देखते हुए, यह अपेक्षा की जाती है कि जब राज्य भर में पंचायत चुनावों के लिए प्रचार कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाएगा, तब नेतृत्व इस नाजुक समझौते को बनाए रखेगा। जनता की उम्मीदें उच्च बनी हुई हैं क्योंकि कांग्रेस संगठन इस सुलह को ठोस चुनावी लाभ में बदलने का प्रयास कर रहा है, जिससे शासन के हर स्तर पर अनुशासन और एकजुट संदेश सुनिश्चित हो सके।

Featured Creator Deep | @deepdrives.in
Deep | @deepdrives.in

📸 Deep | @deepdrives.in

🚗 Kotputli Ka Ladka • Car Creator

Real owner reviews, tested mileage & hidden car hacks! Join 10K+ automobile lovers.

संबंधित खबरें

राजनीति एवं प्रशासन • 09 Oct 2026

ईडब्ल्यूएस नियमों को लेकर रविंद्र सिंह भाटी की केंद्र को चेतावनी, डीडवाना में हुंकार

आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के आरक्षण नियमों को सरल बनाने की मांग को लेकर रविंद्र सिंह भाटी की यात्रा डीडवाना पहुंची। भाटी ने केंद्र सरकार की शर्तों पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी कि यदि नियमों में बदलाव नहीं हुआ, तो युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली

⏱ 3 मिनट का समय 👁 1,002
राजनीति एवं प्रशासन • 09 Oct 2026

बारां में किसानों के खाद संकट पर नरेश मीणा का आमरण अनशन सातवें दिन भी जारी

बारां में किसानों की खाद से जुड़ी समस्याओं को लेकर भगत सिंह सेवा प्रमुख नरेश मीणा का आमरण अनशन सातवें दिन भी जारी है। बुधवार को की गई मेडिकल जांच में उनका वजन अनशन शुरू होने के समय के 80 किलो से घटकर 72 किलो रह गया है। मीणा अपने पैतृक गांव कवाई में डटे हु

⏱ 4 मिनट का समय 👁 1,003
राजनीति एवं प्रशासन • 09 Oct 2026

बीकानेर में सरपंच प्रत्याशी ने 500 रुपये के स्टाम्प पेपर पर जारी किया घोषणा पत्र

बीकानेर जिले के पूगल क्षेत्र की आडूरी ग्राम पंचायत में सरपंच प्रत्याशी शिवलाल मेघवाल ने 500 रुपये के स्टाम्प पेपर पर चुनावी घोषणा पत्र जारी कर नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने पंचायत में 13 विकास कार्य करवाने का वादा किया है और 2 साल में काम पूरे न होने या ए

⏱ 4 मिनट का समय 👁 1,004
राजनीति एवं प्रशासन • 08 Oct 2026

राजस्थान सरपंच चुनाव 2026: महिलाओं के बजाय पतियों द्वारा कामकाज संभालने पर बहस तेज

राजस्थान में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के बीच महिला आरक्षण के बावजूद निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के स्थान पर उनके पतियों द्वारा प्रशासनिक कार्य संभालने का मुद्दा गर्मा गया है। उदयपुर से सामने आई जमीनी रिपोर्ट में स्थानीय नागरिकों ने इस प्रवृत्ति पर गहर

⏱ 4 मिनट का समय 👁 1,005
ADVERTISEMENT
Skip in s
Deep
@deepdrives.in

🚗 Kotputli Ka Ladka • Car Creator

Real highway vs city mileage test on NH-48 & hidden Fronx features! Tap to view profile.

View Profile →
K
कोटपूतली न्यूज़ ऐप इंस्टॉल करें

फास्ट लोडिंग व मोबाइल ऐप अनुभव

🍪

हम बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव, विश्लेषण और प्रासंगिक विज्ञापनों (Google AdSense) के लिए कुकीज़ का उपयोग करते हैं। गोपनीयता नीति पढ़ें

✓ Success