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Breaking News: राष्ट्रपति राजनाथ सिंह ने इटली से पाकिस्तान को रक्षा तकनीक बिक्री पर रोक लगाने की अपील
🕒 1 hour ago

भारत के प्रधान मंत्री के निकटतम सहयोगी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में इटली की सरकार को एक महत्वपूर्ण अनुरोध किया है। दिल्ली में आयोजित द्विपक्षीय रक्षा वार्ता के दौरान, उन्होंने इटली के विदेश मंत्री गुइडो क्रोसेट्टो को स्पष्ट रूप से बताया कि पाकिस्तान को भारतीय सुरक्षा के हितों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की रक्षा प्रौद्योगिकी प्रदान करने से रोकना आवश्यक है। यह अपील भारत-इटली रक्षा सहयोग के विस्तृत कार्यकारी एजेंडा के हिस्से के रूप में की गई, जिसमें दोनों देशों के बीच सामुद्रिक प्लेटफ़ॉर्म, विमानन और अन्य सैन्य उपकरणों के सह-उत्पादन को सुदृढ़ करने की योजना भी शामिल है। राजनाथ सिंह ने कहा, "हम चाहते हैं कि इटली अपनी रक्षा तकनीक को पाकिस्तान तक पहुँचाने में अत्यधिक सतर्कता बरते, क्योंकि यह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए प्रतिकूल हो सकता है।" इस अनुरोध के साथ ही इटली की प्रमुख नौसैनिक शिपबिल्डर फिनकँटिएरी की भारत में निवेश और सहयोग को भी चर्चा के मुख्य बिंदु के रूप में उठाया गया। इटली और भारत के बीच रक्षा उद्योग में सहयोग को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य स्पष्ट है। दोनों देशों ने मिलकर मिलिटरी हार्डवेयर के सह-उत्पादन के लिए एक व्यापक औद्योगिक ढांचा तैयार करने का संकल्प लिया है, जिसमें समुद्री डॉमिनियन, एआईआर और एंटी-एयर प्रणाली जैसी प्रमुख तकनीकों का विकास शामिल है। फिनकँटिएरी ने भारतीय नौसेना के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए शिपबिल्डिंग प्रोजेक्ट्स प्रस्तावित किए हैं, और यह बताया कि भविष्य में इटली के साथ मिलकर भारत अपनी रक्षात्मक क्षमताओं को आत्मनिर्भर बना सकता है। इसी क्रम में, इटली के प्रमुख रक्षा समारोहों में भारत को आमंत्रित किया गया है, जहाँ दोनों पक्ष तकनीकी हस्तांतरण, सामरिक प्रशिक्षण और सहयोगात्मक अनुसंधान के विचारों को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। रक्षा मामलों में इस प्रकार के संवाद का महत्व अत्यधिक है, क्योंकि पाकिस्तान और भारत के बीच संबंधों में तनाव लगातार बना रहता है। राजनाथ सिंह ने इटली को यह स्मरण दिलाते हुए कहा कि पाकिस्तान को अत्याधुनिक रक्षा तकनीक प्रदान करने से क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, विशेषकर सीमा पर घातक कारवाइयों और संधियों के संदर्भ में। उन्होंने इटली को इस बात का आश्वासन भी दिया कि भारत साथ ही साथ इटली को अपने रक्षा परियोजनाओं में बेहतर बाजार पहुंच प्रदान करने को तैयार है, जिससे दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक लाभ को बढ़ावा मिलेगा। इस पहल से इटली के लिए भी भारतीय बाजार में विस्तार का एक सुनहरा अवसर खुलता है। इन बहुपक्षीय चर्चाओं के परिणामस्वरूप, अगले वर्ष 2026-27 में भारत-इटली रक्षा सहयोग के तहत एक विस्तृत सहयोग योजना तैयार की जाएगी। इस योजना में सैन्य हार्डवेयर की संयुक्त उत्पादन, तकनीकी ज्ञान का विनिमय, और संयुक्त रक्षा अभ्यासों को शामिल किया जाएगा। राजनाथ सिंह ने उम्मीद जताई कि इस सहयोग से न केवल भारत की रक्षा क्षमताओं में सुधार होगा, बल्कि इटली को भी एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को मजबूत करने का अवसर मिलेगा। अंततः, यह द्विपक्षीय समझौता क्षेत्रीय शांति को स्थायीत्व प्रदान करने के साथ-साथ दोनों देशों के राष्ट्रीय हितों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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✍️ By Pradeep Yadav | 30 Apr 2026