संघीय संसद के प्रतिनिधियों ने इरान-इज़राइल के तनाव के बीच अमेरिकी रक्षा विभाग के प्रमुख डॉ. डेनिस हेगसेथ को पहली बार परीक्षण के सागर में धकेल दिया। यह टकराव तब आया जब इरान ने अचानक बड़े पैमाने पर प्रॉक्सी समूहों को सक्रिय किया और मध्य पूर्व में सैन्य दबाव बढ़ा। कांग्रेस के प्रमुख सांसदों ने हेगसेथ के सामने विस्तार से प्रश्न रखे, यह पूछते हुए कि क्या अमेरिकी नौसेना द्वारा इरान के खिलाफ लगाई जा रही नौ-रोक-लीक ब्लॉकएड परिपाटी में पर्याप्त रणनीतिक और आर्थिक योजना है। इस सुनवाई में लगभग छह घंटे का समय बीता, जहाँ दोनों पक्षों ने तीखे शब्दों का आदान-प्रदान किया। इस सत्र की शुरुआत सांसदों ने हेगसेथ से पूछा कि क्या उन्होंने इरान के परमाणु कार्यक्रम में किसी प्रकार की बढ़ोतरी को रोकने हेतु आवश्यक कदम उठाए हैं। उनका जवाब कि अमेरिकी नौसेना को इरान के समुद्री मार्गों को बंद करने के आदेश को एक "कम से कम कुछ महीनों" के लिए जारी रखने की चेतावनी दी गई थी, ने दर्शकों में आश्चर्य उत्पन्न किया। साथ ही, रक्षा विभाग ने अनुमान लगाया कि इरान युद्ध का कुल खर्च लगभग 25 बिलियन डॉलर होगा, लेकिन कई विशेषज्ञों ने कहा कि यह आंकड़ा वास्तविक लागत का केवल एक अंश है, क्योंकि इसमें अमेरिकी बेसों के पुनर्निर्माण और आर्थिक क्षति को नहीं जोड़ा गया है। हेगसेथ ने अपने सुनवाई में कहा कि इरान के खिलाफ अमेरिकी नौसैनिक शक्ति को प्रतिबंधित करने के लिए एक विस्तृत समुच्चय तैयार किया गया है, जिसमें अनेक समुद्री सुरक्षा उपाय और सूचना तंत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यवाही से वैश्विक तेल आपूर्ति में बाधा नहीं आएगी, और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के सहयोग से इस नीति को साकार किया जाएगा। परन्तु सांसदों ने हेगसेथ के उत्तरों को स्वीकार नहीं किया और फिर भी ज़ोर दिया कि इरान के बढ़ते आक्रमण की रोकथाम के लिए अधिक पारदर्शी तथा त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है। इन बहसों के बीच, इजराइल और इरान के बीच चल रहे संघर्ष ने अमेरिकी नीति निर्माताओं को कठिन स्थिति में डाल दिया है। एक ओर, इज़राइल की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की मांग है, तो दूसरी ओर, मध्य पूर्व में सैन्य हस्तक्षेप के कारण आर्थिक और मानवीय लागत बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिकी नौसेना का ब्लॉकएड अधिक समय तक चलता रहा, तो इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत चुनौती मिल सकती है, और इस बात से यू.एस. के अंतरराष्ट्रीय साझेदारों की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, वह सुनवाई कांग्रेस और डिफेंस विभाग के बीच एक महत्वपूर्ण मोड़ बन गई है, जहाँ दोनों पक्षों को न केवल इरान युद्ध की रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा, बल्कि आर्थिक भार, वैश्विक ध्रुवीकरण और मानवतावादी पहलुओं पर भी चर्चा करनी होगी। अंत में यह स्पष्ट हो गया कि हेगसेथ को अब अधिक पारदर्शी योजना प्रस्तुत करनी होगी, जिससे कांग्रेस को आश्वस्त किया जा सके कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई न केवल प्रभावी होगी, बल्कि लागत-प्रभावी और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुकूल भी होगी।