थाईलैंड के फुकेट से नई दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान संख्या एआई-376 में मंगलवार को भयंकर टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा, जिसमें कम से कम 12 यात्री घायल हो गए। विमान जब भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर रहा था, तभी अचानक मौसम खराब होने के कारण विमान को तेज झटके लगे और ऊंचाई में अचानक गिरावट दर्ज की गई। इस अप्रत्याशित घटना से विमान में अफरा-तफरी मच गई और कई यात्री अपनी सीटों से उछलकर केबिन की छत और फर्श से टकरा गए। घटना के तुरंत बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को स्थिर किया और दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग कराई। प्रत्यक्षदर्शियों और घायल यात्रियों के अनुसार, टर्बुलेंस इतना जबरदस्त था कि जिन यात्रियों ने सीट बेल्ट नहीं बांध रखी थी, वे हवा में उछल गए और उनके सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। केबिन क्रू के सदस्य भी इस दौरान चोटिल हुए, लेकिन उन्होंने घायलों को प्राथमिक उपचार देने में तत्परता दिखाई। एक यात्री ने मीडिया को बताया, "हमें लगा जैसे विमान हवा में ही रुक गया हो और फिर तेजी से नीचे गिरने लगा। हर तरफ चीख-पुकार मची थी, हमने सोचा हमारा अंत निकट है।" विमान के लैंड करते ही एयरपोर्ट पर पहले से तैनात मेडिकल टीम ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि उड़ान एआई-376 में सवार 12 यात्रियों को मामूली से मध्यम चोटें आई हैं, जिन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों और उनके परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के मौसम में उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में क्लियर एयर टर्बुलेंस (स्पष्ट हवा में अशांति) आम बात है, जिसका पूर्वानुमान लगाना रडार के लिए भी मुश्किल होता है। इस घटना ने एक बार फिर हवाई यात्रा के दौरान सीट बेल्ट बांधे रखने के महत्व को रेखांकित किया है। विमानन सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार सलाह देते रहे हैं कि सीट पर बैठे रहने के दौरान हमेशा सीट बेल्ट बांधकर रखनी चाहिए, भले ही सीट बेल्ट साइन बंद हो। एयर इंडिया ने कहा है कि वह घायल यात्रियों के इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी और उनकी यात्रा संबंधी अन्य जरूरतों का भी ध्यान रखेगी। घटना के बाद विमान का निरीक्षण किया गया और कोई ढांचागत क्षति नहीं पाई गई। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बावजूद पायलटों की सूझबूझ और केबिन क्रू की तत्परता ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। विमानन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को और सख्त बनाने की दिशा में इस घटना से महत्वपूर्ण सबक लिए जाएंगे। घायल यात्रियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के साथ एयर इंडिया ने भरोसा दिलाया है कि वह यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी।